03 September 2026

अब प्रधानाध्यापक भी बन सकेंगे बीईओ, प्रदेश में नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

 

अब प्रधानाध्यापक भी बन सकेंगे बीईओ, प्रदेश में नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की नियुक्ति व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब हाईस्कूल और एडेड स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी बीईओ बनने का अवसर मिल सकता है।


समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी जनपदों से प्रधानाध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में प्रधानाध्यापकों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखने का प्रस्ताव बताया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक) के निर्देश के बाद तैयारियों के रूप में सामने आई है।

31 साल बाद बदलेगा ढांचा

बेसिक शिक्षा विभाग में बीईओ की भर्ती को लेकर 31 साल बाद बदलाव की तैयारी बताई गई है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जनपदों में कुल 1031 खंड शिक्षा अधिकारियों के पद हैं, जिनमें 691 पदों पर बीईओ कार्यरत बताए गए हैं, जबकि करीब 340 पद रिक्त हैं।

खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया की तैयारियां शुरू होने की बात कही गई है। प्रस्तावित व्यवस्था में प्रधानाध्यापकों को भी अवसर मिलने से शिक्षा विभाग के वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पदोन्नति का नया रास्ता खुल सकता है।

1995 से चली आ रही है मांग

रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानाध्यापक वर्ष 1995 से बीईओ बनने की मांग कर रहे हैं। 1995 से पहले प्रधानाध्यापकों को पदोन्नति देकर खंड शिक्षा अधिकारी बनाए जाने की व्यवस्था थी। बाद में नियमों में बदलाव कर खंड शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति में 20 प्रतिशत पदोन्नति कोटा तय किया गया था, जिसमें 10 प्रतिशत प्रधानाध्यापक और 10 प्रतिशत प्रभार अध्यापक के लिए बताया गया।

हालांकि वर्ष 1995 के बाद यह नियम बंद कर दिया गया। इसके बाद से प्रधानाध्यापक इस व्यवस्था को फिर लागू करने की मांग करते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रधानाध्यापकों ने इस मामले को लेकर न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया था।