फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगा नौकरी कर रहे 11 शिक्षक, अब जा सकती है नौकरी

हरपालपुर। ब्लाक के एक ही गांव के 11 शिक्षकों पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने की शिकायत लोकायुक्त से की गई। शिकायत पर शासन ने जांच के निर्देश दिए, जिस पर डीएम ने जांच कमेटी गठित की है।

ब्लाक चौधरियापुर, पिथनापुर निवासी रामवीर ने लोकायुक्त से की शिकायत में बताया कि स्वास्थ्य विभाग से फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनावा कर हरपालपुर ब्लाक के मिरगवां निवासी 11 लोग शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे हैं। 25 नवंबर को की गई शिकायत पर शासन ने डीएम को जांच के आदेश दिए। एडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि टीम गठित कर जांच की जा रही है।


हरपालपुर। शिकायत में बकायदा शिक्षकों की सूची प्रदान की गई है। इसमें 11 शिक्षकों के नाम दिए गए हैं। इन नामों में पति, पत्नी व उसी परिवार का एक भाई व उनका एक करीबी रिश्तेदार भी शामिल है।
हरपालपुर। डीएम के निर्देश पर एडीएम वंदना त्रिवेदी के अलावा वरिष्ठ कोषाधिकारी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी को भी शामिल किया गया है।
हरपालपुर। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। उसके बाद जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों द्वारा प्रत्येक सोमवार को सत्यापन किया जाता है और ऑनलाइन ही उसकी रिपोर्ट लगा ली जाती है। उसके बाद नियमानुसार आवेदक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है।
हरपालपुर। यह पहली बार नहीं है जब शिक्षा विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के नाम पर नौकरी लेने का आरोप लगा है। इससे पूर्व भी वर्ष 2009 में विशिष्ट बीटीसी चयन के बाद आठ से नौ शिक्षकों पर आरोप लगे थे। हालांकि उसमें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच हुई थी।
हरपालपुर। खंड शिक्षा अधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि तीन शिक्षक उन्हीं के ब्लाक में हैं। जबकि कुछ शिक्षक सांडी ब्लाक में भी हैं। कमेटी द्वारा जांच कराए जाने की बात सामने आई है। जैसा फैसला उच्चाधिकारियों का होगा, वैसे ही कार्रवाई की जाएगी।


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