इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय न भूलें टैक्स छूट के 4 विकल्प


करदाता रिटर्न भरते समय न भूलें टैक्स छूट के 4 विकल्प
बैंकों से लिया कर्ज वैसे तो आपकी वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए होता है, लेकिन आयकर नियमों के तहत कुछ खास परिस्थितियों में इस पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। बैंकों से मिलने वाले सभी तरह के लोन पर टैक्स में छूट ली जा सकती है। करदाता किस तरह के लोन पर कितना लाभ उठा सकते हैं, पूरी जानकारी देती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट -




एजुकेशन लोन : ब्याज पर आठ साल तक टैक्स छूट

क्लियरटैक्स के सीईओ  अर्चित गुप्ता बताते हैं कि उच्च शिक्षा कर्ज पर चुकाए ब्याज पर आयकर की धारा 80ई के तहत टैक्स छूट का लाभ दिया जाता है। आईटीआर में डिडक्शन के लिए उसी साल से दावा कर सकते हैं, जब कर्ज पर ब्याज चुकाना शुरू किया है। इसके बाद लगातार सात साल या पूरा ब्याज चुकता होने (दोनों में जो पहले हो) तक इसका फायदा उठाया जा सकता है। यानी उच्च शिक्षा कर्ज के ब्याज पर अधिकतम आठ साल तक टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। आयकर विभाग इसका लाभ न सिर्फ खुद के लिए कर्ज पर देता है, बल्कि अपने संबंधी के लिए शिक्षा कर्ज पर भी टैक्स छूट देता है। हालांकि, इसमें छूट के लिए ब्याज की अधिकतम सीमा तय नहीं है, लेकिन कर्ज के मूल पर रियायत नहीं दी जाती है। 

पर्सनल लोन : दो तरह से मिलेगा लाभ

अमूमन पर्सनल लोन पर प्रत्यक्ष तौर पर टैक्स छूट का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल कारोबार या मकान की मरम्मत में किया जाता है तो आयकर विभाग छूट का लाभ देता है। आयकर की धारा 43बी के तहत कारोबार में इस्तेमाल किए गए पर्सनल लोन के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। इसी तरह मकान की

मरम्मत या रेनोवेशन में इस्तेमाल पर्सनल लोन पर भी धारा24(बी) के तहत आयकर रियायत ली जा सकती है।


होम लोन : ब्याज व मूल दोनों पर मिलती है रियायत

मकान खरीदने के लिए होम लोन पर चुकाए ब्याज और मूल दोनों पर ही आयकर रियायत का लाभ मिलता है। आयकर की धारा 24 (बी) के तहत हर साल चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन ले सकते हैं। इसके अलावा कर्ज पर चुकाए गए ब्याज पर भी धारा 80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक रियायत मिलती है। कुल मिलाकर 3.5 लाख रुपये की कर छूट होम लोन पर ली जा सकती है। पहली बार मकान खरीदने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत धारा 80ईईए में अतिरिक्त टैक्स छूट का लाभ भी दिया जाता है, जो 1.5 लाख रुपये हो सकता है। इस होम लोन पर अलग-अलग धाराओं में छूट का दावा कर सकते हैं।


कार लोन कारोबार के लिए करें दावा

कार खरीदने के लिए कर्ज लिया है तो इसके ब्याज पर टैक्स छूट पाने के लिए कर्ज को बिजनेस या प्रोफेशन के बुक ऑफ अकाउंट में दिखाना होगा।

चुकाए गए ब्याज पर धारा 43बी के तहत टैक्स छूट पाने के लिए बैंक से कार लोन पर ब्याज प्रमाण पत्र जरूर मांगे।


सिर्फ ब्याज पर ही टैक्स रियायत मिलेगी, कर्ज के मूल हिस्से पर नहीं। आयकर की धारा-32 के तहत कार की कीमत घटने पर भी टैक्स लाभ मिलता है। 
अगर कार 30 सितंबर से पहले खरीदी है, तो गाड़ी की कीमत का 15 फीसदी तक डेप्रिशिएशन का दावा कर सकते हैं, लेकिन 1 अक्तूबर के बाद कार खरीदी है, तो उस साल 7.5 फीसदी का ही लाभ मिलेगा। 

ई-वाहन खरीदने पर सरकार अभी धारा 80ईई के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट दे रही है।रिटर्न भरते समय ध्यान दें करदाता

करदाताओं को आयकर रिटर्न भरते समय अपने कर्ज और उसके इस्तेमाल पर मिलने वाली टैक्स छूट की गणना सावधानी से करनी चाहिए। गलत जानकारी या दावा करने पर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है, जुर्माने की कार्रवाई भी कर सकता है। बैंक से जरूरी दस्तावेज लेने के बाद ही विभाग के पास Tax की छूट का दावा करे।

-मेघना सूर्यकुमार, संस्थापक एवं सीईओ क्रेडिवॉच

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