primary ka master:- खातों में धनराशि भेजने के बाद भी बिना यूनिफॉर्म व स्वेटर के विद्यालय आ रहे छात्र


फतेहपुर। अभिभावक के खाते में धनराशि पहुंचने के बाद भी बच्चों को यूनिफार्म और स्वेटर नहीं मिल सके हैं। ऐसे में ठंड के बीच बच्चे कंपकंपा रहे हैं।




जिले के 2130 परिषदीय स्कूलों में दो लाख 61 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अभी तक इन बच्चों को जुलाई से लेकर अगस्त तक दो सेट में यूनिफार्म और अक्तूबर महीने में स्वेटर, जूता, मोजे और बैग स्कूल की तरफ दिए जाते थे। इस बार व्यवस्था में परिवर्तन कर बच्चे के अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 1100- 1100 रुपये भेजे गए हैं। दो चरणों में विभाग ने एक लाख 41 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह पैसा भेज दिया है। अभिभावकों




के खाते में धनराशि भेजे 15 दिन बीत चुके है, लेकिन अभी तक किसी भी स्कूल में एक भी बच्चे के पास यूनिफार्म, स्वेटर, जूता, मोजा और बैग नहीं दिख रहा। ठंड की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बच्चे घर के पुराने कपड़ों के साथ चप्पल या फिर नंगे पैर स्कूल आ रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार की यह योजना फ्लाप होती दिख रही है।



डीसी सामुदायिक सामुदायिक शिक्षा अखिलेश सिंह स्वीकार करते हैं कि अभी तक बच्चे नई यूनिफार्म, स्वेटर आदि पहनकर स्कूल नहीं आ रहे हैं। जिन अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। वह जल्द से जल्द बच्चों की सामग्री खरीद लें। विभाग ब्लाकों में जागरुकता गोष्ठी करेगा। इसमें अभिभावकों को यूनिफार्म, स्वेटर आदि खरीदने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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