फिर उठी शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग: आरोप - आर्थिक तंगी के कारण दो हजार से ज्यादा की मौत हुई

उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि बिजनौर जिले में एक शिक्षामित्र के आर्थिक तंगी चलते आत्महत्या का मामला दुखद है।




उन्होंने कहा है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने शिक्षामित्रों की स्थिति सुधारने का वादा किया था। वाराणसी की जनसभा में प्रधानमंत्री ने भी आश्वासन दिया था। इसके बाद भी शिक्षामित्रों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उनकी दशा बदतर होती जा रही है।


उन्होंने बिजनौर में आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र कौशल कुमार के मामले का सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग से स्वत: संज्ञान लेकर शिक्षामित्रों के हित में उचित निर्णय व न्याय दिलाने की मांग की है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक दो हजार से भी अधिक शिक्षामित्रों की मौत आर्थिक तंगी के कारण हो चुकी है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त हुए पांच साल हो गए हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ 10 हजार रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है, जबकि महंगाई काफी बढ़ गई है।

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