विद्यालय परिसर में खड़े हाइटेंशन विद्युत लाइन के खम्बे में उतरा करंट, शिक्षक की गई जान, एक ही स्कूल में कार्यरत थे पति-पत्नी


चांदपुर। प्राथमिक विद्यालय मीरापुर परिसर में खड़े हाइटेंशन विद्युत लाइन के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आकर मुख्य अध्यापक कौशल कुमार की मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में सहायक अध्यापक जौनी कुमार भी झुलस गए। कौशल कुमार मूल रूप से मेरठ के कंकरखेड़ा और जौनी कुमार मेरठ के मवाना कसबे के रहने वाले हैं।



मध्यावकाश के समय हो सकता था बड़ा हादसा
चांदपुर। प्राथमिक विद्यालय मीरापुर में करंट की चपेट में आने से मुख्य अध्यापक की मौत हो गई। मुख्य अध्यापक को बचाने पहुंचे सहायक अध्यापक झुलस गये। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय बच्चे अपनी अपनी कक्षाओं में पढ़ रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार यदि कौशल कुमार लघुशंका के लिए नहीं जाते, तो मध्यावकाश में जब बच्चे कक्षाओं से बाहर निकलते तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।


ग्रामीणों में प्रशासन और विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर खासा रोष है। उनका कहना है कि नियमों को अनदेखा कर स्कूल के भीतर ही हाइटेंशन लाइन के दो खंभे लगा दिए गए। जबकि इस विद्यालय में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के छोटे छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में नियमानुसार सुरक्षा की दृष्टि से यह खंभे नहीं लग सकते हैं। लेकिन आज तक भी तमाम अधिकारी यहां आए और निरीक्षण करके गए, लेकिन किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया और विद्युत विभाग भी इस तरफ से उदासीन बना रहा।
ग्रामीणोें की मानें तो मुख्य अध्यापक के साथ हुआ हादसा और भी बड़ा हो सकता था। क्योंकि वह अकेले ही लघुशंका के लिए गए थे और आसपास कोई नहीं था। इस हादसे के बाद सभी सचेत हो गए। लेकिन यदि मध्यावकाश में प्रतिदिन की तरह स्कूल के बच्चे अपनी अपनी कक्षाओं से बाहर आकर इस जगह पर एकत्र होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल स्कूल परिसर से इन खंभों को बाहर करने की मांग की है।


एक ही स्कूल में कार्यरत थे पति-पत्नी
करंट लगने से मृतक मुख्य अध्यापक कौशल कुमार सैनी मूल रूप से न्यू गोविंदपुरी कंकरखेड़ा के निवासी थे। वह सात साल से इस विद्यालय में कार्यरत थे और उनकी पत्नी सारिका भी इसी विद्यालय में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। दोनों के एक छह माह की बेटी है। जिस समय हादसा हुआ, सारिका अपनी कक्षा में बच्चों को पढ़ा रही थी। वहीं कौशल को बचाने आए सहायक अध्यापक जौनी कुमार भी मूल रूप से मेरठ के मवाना कसबे के रहने वाले हैं। उनके परिजन उन्हें गंभीर हालत में मेरठ ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।


सारिका ने कराई रिपोर्ट दर्ज
मृत मुख्य अध्यापक की पत्नी सारिका ने हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं दूसरी और घटना की सूचना मिलते ही आसपास के स्कूलों के शिक्षक भी घटना स्थल पर एकत्र हो गए थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। सभी शिक्षकों ने इस मामले में विद्युत विभाग के खिलाफ कार्रवाई के साथ मृत शिक्षक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाये जाने की मांग उठाई है। सहायक अध्यापक को सीएचसी स्याऊ से मेरठ के लिए रेफर किया गया है। हादसे से गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

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