दीक्षा एप से पढ़ाने में प्रयाग अव्वल, महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी की जिलेवार रैंकिंग


प्रयागराज, । दीक्षा एप की मदद से पढ़ाने में प्रयागराज के शिक्षक पूरे प्रदेश में अव्वल हैं तो वहीं राजधानी लखनऊ का दूसरा स्थान है। तकनीक की सहायता से परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालय के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से दीक्षा एप पर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से जारी जिलों की रैंकिंग में प्रयागराज के शिक्षकों ने मई के प्रथम सप्ताह में 26772 डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट आदि) का उपयोग करते हुए कुल 49823 सामग्री से बच्चों को पढ़ाने की कोशिश की है।


इस रैंकिंग में लखनऊ का दूसरा स्थान है। लखनऊ में 16430 डिवाइस से 48151, जबकि तीसरा स्थान पाने वाले प्रतापगढ़ के शिक्षकों ने 13311 डिवाइस से 43448 सामग्री का उपयोग किया है। चौथा नंबर पाने वाले सीतापुर में 122229 डिवाइस से 35533 और पांचवें स्थान पर रहे जौनपुर में 7566 डिवाइस से 23143 सामग्री का उपयोग किया गया।

स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) के सदस्य सुनील तिवारी ने बताया कि मई के पहले सप्ताह में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 286888 डिवाइस से दीक्षा एप पर कुल 818397 शैक्षणिक सामग्री से बच्चों को पढ़ाया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी के अनुसार डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। दीक्षा एप के उपयोग पर जारी रैंकिंग में प्रयागराज को पहला स्थान मिलने से शिक्षक उत्साहित हैं।


दीक्षा एप से पढ़ाने में प्रयाग अव्वल
● महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी की जिलेवार रैंकिंग

● प्रतापगढ़ तीसरे, सीतापुर चौथे, जौनपुर पांचवें स्थान पर

जिलों में 286888 डिवाइस से दीक्षा एप पर कुल 818397 शैक्षणिक सामग्री से बच्चों को पढ़ाया गया है

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संभल, हमीरपुर और चित्रकूट का प्रदर्शन निराशाजनक

दीक्षा एप के उपयोग में सबसे निराशाजनक प्रदर्शन संभल का है। यहां 428 डिवाइस से 1287 सामग्री का उपयोग किया गया। 74वें स्थान पर हमीरपुर है जहां 932 डिइवाइस से 2634 सामग्री से अध्यान हुआ, जबकि 73वें स्थान पर चित्रकूट है जहां 1017 डिवाइस से बच्चों को 2990 कंटेंट दिखाया गया।