09 January 2026

मार्च महीने के बाद ही चयन आयोग की भी परीक्षा संभव


प्रयागराज,। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए 16 और 17 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों की निगाहें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने चयन आयोग को निरस्त परीक्षा जल्द से जल्द, पूर्णत: निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि चयन आयोग के लिए अगले तीन महीने परीक्षा कराना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है।


29 और 30 जनवरी को चयन आयोग की ही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रस्तावित है। अब तक यह निर्णय नहीं हो सका है कि यह परीक्षा तय समय पर होगी या नहीं। वैसे पूर्व में आयोजित यूपी-टीईटी में लगे समय और तैयारियों को देखा जाए तो चयन आयोग को पात्रता परीक्षा कराने के लिए तीन माह का समय चाहिए।