09 January 2026

शिक्षक समायोजन की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी

 

लखनऊ, प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं को शासन और डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी डीएम की संस्तुति के बाद दो से तीन दिन के भीतर शिक्षकों के समायोजन की संशोधित सूची बीएसए को जारी करेगी।



डीएम ने बीएसए से समायोजन किए गए सभी शिक्षकों की सूची तलब की है। साथ ही शिक्षकों की ओर से दिए गए आपत्तियों व प्रत्यावेदनों की भी कमेटी जांच करेगी।


‘हिंदुस्तान’ ने समायोजन में हुई गड़बड़ियों को उठाया था


‘हिंदुस्तान’ ने गुरुवार के अंक में कैंसर, लकवा रोगी व दिव्यांग शिक्षिकाओं का समायोजन और बुधवार के अंक में महिला शिक्षकों का समायोजन 40 किमी दूर, नाराज शिक्षक कोर्ट जाएंगे शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। बीएसए ने यू-डायस पोर्टल की मदद से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के बंद व एकल प्राइमरी स्कूलों में करीब 170 शिक्षकों का समायोजन किया था।


50 से अधिक शिक्षकों ने लगाए समायोजन में गड़बड़ी के आरोप


40 किमी तक दूर हो गई स्कूलों की दूरी, शिक्षकों के समायोजन के बाद


शिक्षक संघों और बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में दिए आपत्ति-प्रत्यावेदन में समायोजन में भारी अनियमितताओं और खामियों का आरोप लगाया है।


शिक्षकों की वरिष्ठता समेत कई खामियां पोर्टल पर


शिक्षकों का कहना है कि यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों में शिक्षकों की वरिष्ठता से लेकर स्कूलों में पंजीकृत छात्र संख्या, तैनात शिक्षकों का ब्यौरा एवं वरिष्ठता की फीडिंग में बहुत सी गलतियां हैं। अधिकारियों ने यू-डायस पोर्टल पर दर्ज गलत आंकड़ों पर सत्यापन कराए बिना समायोजन कर दिया।


विकल्प मांगे और नहीं वरिष्ठता का पालन किया


शिक्षकों का कहना है कि समायोजन से पहले न तो शिक्षकों से विकल्प लिया गया और न ही वरिष्ठ या कनिष्ठ को देखा गया। कई स्कूलों के वरिष्ठ अध्यापकों के समायोजन न करके कनिष्ठों को दूर कर दिया गया। जबकि नियमानुसार पहले वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन होना था। अधिकारियों ने मनमाने तरीके से शिक्षकों का समायोजन किया है। नियमों और मानकों की भारी अनदेखी हुई है।


जोन के स्कूलों में समायोजन कर दिया


कई शिक्षकों को 40 किलोमीटर दूर के स्कूलों में समायोजन कर दिया गया। शिक्षकों के ब्लॉक व जोन बदल दिए गए, जबकि उसी ब्लॉक व जोन में शिक्षकों के पद खाली थे। वहीं दूसरी ओर कैंसर, दिल व लकवा रोग से पीड़ित और दो अन्य दिव्यांग शिक्षिकाओं का दूसरे ब्लॉक व जोन के स्कूलों में समायोजन कर दिया गया।


इन शिक्षिकाओं ने बीएसए समेत डीएम व सीडीओ को भेजे शिकायत पत्र में समायोजन निरस्त कर पुराने स्कूल में तैनाती दिए जाने का आग्रह किया था।