27 July 2026

पढ़ाई में पीछे छूटे बच्चों को मुख्यधारा में लाएगा कैच-अप शिक्षण अभियान

 

लखनऊ। प्रदेश में बुनियादी शिक्षा के अधिगम अंतर (लर्निंग गैप) को समाप्त करने के लिए कैच-अप शिक्षण अभियान को प्रभावी बनाया जाएगा। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों, बीआरसी, बीएसए कार्यालयों और डायट में कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य सामग्री प्रदर्शित होगी। 31 जुलाई तक कक्षा शिक्षण की 10 प्रभावी प्रथाओं और रीडिंग कैंपेन से संबंधित आईईसी सामग्री भी लगाई जाएगी।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका गर्ग ने सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) समेत अन्य अधिकारियों को क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रित आईईसी सामग्री प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित हो। इससे शिक्षक प्रतिदिन शैक्षणिक संदेशों का प्रयोग कर सकेंगे। पूरे प्रदेश में दक्षता आधारित शिक्षण की समान कार्य संस्कृति विकसित होगी। कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य और रीडिंग अभियान को एकीकृत कर शिक्षा गुणवत्ता सुधारी जाएगी।

विद्यालयों, बीआरसी, बीएसए कार्यालयों और डायट में प्रदर्शित होगी कैच-अप शिक्षण सामग्री

रणनीति तैयार की गई है। इसमें पीछे रह गए बच्चों की पहचान और आधारभूत दक्षताओं का आकलन शामिल है। स्तरानुसार समूह बनाकर शिक्षण, दैनिक योजना, गतिविधि आधारित शिक्षण पर बल दिया गया है। टीएलएम का प्रभावी उपयोग, नियमित अभ्यास और सतत मूल्यांकन भी रणनीति का हिस्सा है। रीडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने और अभिभावकों की सहभागिता पर जोर है। बच्चों की प्रगति की निरंतर निगरानी भी इसमें शामिल है। विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाने वाले निपुण लक्ष्य पोस्टरों में बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अंग्रेजी के स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। रीडिंग कैंपेन से पढ़ने की आदत और भाषा दक्षता मजबूत होगी।

कैच-अप अभियान के लिए 15 सूत्रीय रणनीति तैयार की गई है।