टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में सांसदों को ज्ञापन देकर शिक्षकों ने नाराजगी जताई और उनसे मानसून सत्र में मुद्दा उठाने की मांग की। —संगठन
लखनऊ। टीईटी अनिवार्यता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सरकार द्वारा राहत हित में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाने से देश भर के शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। इस क्रम में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (एआईपीटीएफ) संसद के मानसून सत्र में देश भर के सांसदों को ज्ञापन दे रहा है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में देश के 25 लाख प्राथमिक शिक्षकों को भीषण असुरक्षा करने वाली आरटीई एक्ट 2017 में किए गए संशोधन को रद्द करवाने की मांग की जा रही है। 21 जुलाई से अभी तक कई सांसदों को ज्ञापन दिया जा चुका है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ कर रहा सेवा सुरक्षा की मांग
सकारात्मक कार्रवाई न होने पर दिल्ली कूच की चेतावनी
इसमें डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत, प्रतापगढ़ के सांसद एसपी सिंह पटेल, कौशांबी के सांसद केशव शर्मा, बक्सर के सुधाकर सिंह, सीतापुर के राकेश राठौर, आप सांसद संजय सिंह, पप्पू यादव, छत्रपाल सिंह गंगवार, लक्ष्मीकांत, उत्तम नरेश पटेल आदि को ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार यदि कोई निर्णय नहीं लेती है तो हम देश भर के लाखों प्राथमिक शिक्षकों को दिल्ली कूच करने का आह्वान करेंगे।

