27 July 2026

आज से बढ़ेगी मानसूनी सक्रियता, 19 जिलों में होगी भारी बारिश

 

दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर केंद्रित निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसून अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण व मध्य भारत की ओर स्थानांतरित हो रही है। इसके उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई से मानसूनी सक्रियता बढ़ेगी और पूरे प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा होगी। तराई सहित बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के भी मजबूत होने से प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश होगी।

मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी व उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के ऊपर के अवदाब का असर अगले 24 घंटों में और अधिक सघन होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है।


उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के ऊपर के अवदाब का असर

अधिकांश जिलों में सोमवार को हो सकती है बारिश

ऊपरी हवा का सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र सघन होकर अवदाब में परिवर्तित हो गया है। यह अवदाब सागर क्षेत्र (पश्चिम मध्य) से लगभग 130 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व, पेंड्रा (पश्चिम बंगाल) से 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, चांदबली (ओडिशा) से 170 किलोमीटर पूर्व व बालासोर (ओडिशा) से 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने व अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक सघन होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है। 27 जुलाई को सुबह से दोपहर के आसपास पारादीप और सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा व पश्चिम बंगाल तट को पार कर सकता है।

इसके असर से चंदौली, वाराणसी, भदोही, सोनभद्र, मिर्जापुर, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, पीलीभीत व आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।

यहां वज्रपात की आशंका :
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, रविदासनगर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली एवं आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है।