लखनऊ, । उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि शिक्षकों को विशेष अवकाश दिलाने के संबंध में वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक देश व समाज के लिए नई पौध तैयार करने का काम करता है। इसीलिए उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने रविवार को असमय मृत्यु होने पर दिवंगत शिक्षकों के परिवार को सहयोग प्रदान करने वाली संस्था टीचर सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) के छठे स्थापना दिवस पर ये बात कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे काम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। टीएससीटी से 4.28 लाख सरकारी शिक्षक जुड़े हैं। छह सालों में 596 दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को 268 करोड़ रुपये की मदद की है। टीएससीटी ने रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अपना छठा स्थापना दिवन मनाया। टीएससीटी के सह संस्थापक सुधेश पांडेय ने बताया कि हमारे एप और वेबसाइट से शिक्षक इसके सदस्य बन सकते हैं। मदद की पूरी व्यवस्था पारदर्शी है। किसी सदस्य शिक्षक का असमयिक निधन होने, बीमारी या दुर्घटना से मौत पर हमारी टीम शिक्षक के घर संवेदना व्यक्त करने जाते हैं।
परिजनों का बैंक खाता नंबर मांगा जाता है और फिर सभी सदस्य इसमें 15-15 रुपये भेजते हैं। ऐसे में एक दिवंगत शिक्षक के परिजनों को 50-50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिल जाती है। शिक्षकों की बेटी की शादी में हम कभी शगुन के 500 या फिर 1000 रुपये के लिफाफे देने के पक्ष में नहीं रहते। सिर्फ लिफाफे पर लगे उस एक रुपये की मदद की अपील करते हैं। अभी तक शिक्षकों की 493 कन्याओं को शादी में 51-51 हजार रुपये की मदद दी जा चुकी है। गंभीर बीमार शिक्षकों की मदद को भी पांच-पांच लाख रुपये की मदद दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष विवेकानंद ने शिक्षकों को विशेष अवकाश और कैशलेस चिकित्सा के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सेवाकाल के अतिरिक्त शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।

