लखनऊ। समाज कल्याण विभाग की ओर संचालित आश्रम पद्धति विद्यालयों में पिछले सत्र में पढ़ाने वाले अतिथि प्रवक्ताओं को राहत मिल सकती है। विभाग ने नए अतिथि प्रवक्ताओं के चयन के लिए 12 जून को विज्ञापन जारी किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए पुराने अतिथि प्रवक्ताओं की सेवाएं जारी रखने के आदेशों को चुनौती देने पर सुनवाई कर विचार कर रहा है।
माना जा रहा है कि इन अतिथि प्रवक्ताओं को आगे भी सेवाएं जारी रखने का मौका दिया जाएगा। पिछले सत्र में 353 अतिथि प्रवक्ता (पीजीटी और टीजीटी) आश्रम पद्धति विद्यालयों में रखे गए थे। इन्हें अंशकालिक शिक्षक माना जाता है। इनकी नियुक्ति 11 महीने के लिए हुई थी। नियुक्ति 12 जून को उन्हें पहले चयन और योग्यता के साथ नए सिरे से अतिथि प्रवक्ताओं का पैनल तैयार करने के लिए एक नया विज्ञापन जारी कर दिया गया।
अंशकालिक शिक्षकों ने इसे कोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने अंतरिम व्यवस्था दी है कि समाज कल्याण विभाग के 12 जून को जारी नए भर्ती विज्ञापन के तहत फिलहाल कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष चयनित हो चुके याचिकाकर्ता शिक्षकों को अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्य करते रहने की अनुमति दी जाए। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी

