प्रश्न-उत्तर विवाद पर अब आयोग की परीक्षा, विषय विशेषज्ञों को भेजी जाएंगी आपत्तियां
प्रयागराज (अमर उजाला ब्यूरो): उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर में कुछ प्रश्नों और उत्तर कुंजी पर उठे सवालों के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विशेषज्ञों की राय लेगा। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि वेबसाइट पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को विषय विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग परीक्षार्थियों के हित में निर्णय लेगा। यदि 150 प्रश्नों में केवल 130 प्रश्न सही पाए जाते हैं, तो मूल्यांकन 150 के बजाय 130 अंकों के आधार पर किया जाएगा। गलत प्रश्नों पर सभी अभ्यर्थियों को पूरे अंक दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा।
17 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
टीईटी परीक्षा में कुल 17,70,714 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की गई।
2 जुलाई: 6,84,617 अभ्यर्थी
3 जुलाई: 7,51,321 अभ्यर्थी
4 जुलाई: 3,34,775 अभ्यर्थी
आयोग के अनुसार, ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य 20 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों का दावा—15 उत्तर गलत
प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का आरोप है कि 2 जुलाई को हुई परीक्षा में बाल मनोविज्ञान के 4, हिंदी के 3, संस्कृत के 2 और सामाजिक अध्ययन के 4 प्रश्न विवादित हैं। वहीं, उसी दिन तृतीय पाली के 13 प्रश्न भी विवादित बताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार, आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी में टीईटी संस्कृत, गणित, हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषयों के करीब 15 प्रश्नों के उत्तर गलत हैं।

