जनगणना 2027: जाति बताएंगे, वही दर्ज हो जाएगी; 40 सवालों के होंगे जवाब
नई दिल्ली। देश में आगामी जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस बार जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की भी गणना की जाएगी। खास बात यह है कि व्यक्ति अपनी जाति जो बताएगा, जनगणनाकर्मी उसे उसी रूप में दर्ज करेगा। इसके लिए किसी तरह का जाति प्रमाण-पत्र मांगने की व्यवस्था नहीं होगी।
2011 में थे 29 सवाल, इस बार 40 सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना में कुल 29 सवाल पूछे गए थे। उस समय जाति से जुड़े सवाल में केवल एससी/एसटी का विकल्प था। इस बार प्रश्नावली में जाति संबंधी जानकारी को भी शामिल किया गया है और कुल 40 सवाल निर्धारित किए गए हैं।
जनगणना में व्यक्ति द्वारा बताई गई जाति को जनगणनाकर्मी उसी रूप में दर्ज करेगा। यानी जाति के लिए अलग से कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
कोरोना टीका और बैंक खाते की भी जानकारी
इस बार जनगणना में कई ऐसी जानकारियां शामिल की गई हैं, जो पिछली जनगणना में नहीं थीं। इनमें कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति, कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर, भारतीय पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी शामिल है।
यूपी में फरवरी से शुरू होगी आबादी की गणना
रिपोर्ट के मुताबिक जनगणना के दूसरे चरण में 1 से 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में आबादी की गणना शुरू होगी। वहीं उत्तर प्रदेश समेत देश के बाकी हिस्सों में आबादी की गणना फरवरी में कराई जाएगी।
जनगणना के पहले चरण में मकानों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब दूसरे चरण में आबादी से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी।
नोट: जनगणना में जाति संबंधी जानकारी व्यक्ति द्वारा बताए गए विवरण के आधार पर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। जाति प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होने का उल्लेख भी रिपोर्ट में किया गया है।

