15 August 2026

प्रमोशन एक महत्वपूर्ण मुद्दा

 प्रमोशन एक महत्वपूर्ण मुद्दा 


नवंबर 2015 में 72825 भर्ती में नियुक्ति हुई , तो मेरे सामने कुछ ऐसी घटनाएं घटी , समझ नहीं आया कि शिक्षकों ने स्वयं या विभाग ने यह सब कर रखा है ।


जब हम सब ट्रेनिंग में थे , उस समय सुनाई पड़ा कि जूनियर में हेड पद पर जो प्रमोट हुए थे , उनके खिलाफ कोई याचिका में गया और उन्हें रिवर्ट करा दिया गया । वह सभी प्रमोटेड शिक्षक पुनः अपने पूर्व विद्यालयों में आए और आज तक वह प्रमोशन नहीं हुआ ।  


सोचने की बात है कि 2015-16 से 2026 हो गया । 10 साल हो गया , यह लोग जो गए थे , यह प्रमोशन रोकने के लिए गए थे या खुद के प्रमोशन को करवाने के लिए गए थे और जिस भी लिए गए थे , तो आज तक उस प्रकरण में आगे क्यों नहीं बढ़े । 


क्या सिर्फ प्रमोशन रोकना ही इनका उद्देश्य था । आज तक जूनियर के प्रधानाध्यापक की वह सीट नहीं भरी जा सकी है ।


मई 2018 में दीपक शर्मा केस में यह क्लियर हो गया कि केवल टेट पास शिक्षकों का ही प्रमोशन होगा । अब यह समझ में नहीं आया कि इस प्रक्रिया पर रोक क्यों लगा दी गई । जो टेट क्वालीफाई थे , उनको प्रमोट क्यों नहीं किया गया और तब से लेकर 8 साल बीत चुके हैं । आज तक भी प्रमोट क्यों नहीं किया ।  मतलब शिक्षकों के जो भी विरोध में आदेश आएंगे उस पर त्वरित कार्रवाई करनी है और अगर कोई पक्ष में आया तो करना ही नहीं है ।


2025 में प्रभारी प्रधान अध्यापक मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह कह दिया कि प्रत्येक विद्यालय में प्रधान अध्यापक होंगे और जहां प्रधान अध्यापक नहीं होंगे तो वहां जो प्रभारी होंगे उन्हें प्रधान अध्यापक का वेतन मिलेगा , फिर सिंगल बेंच से यह डिसाइड हुआ कि किसी जूनियर को ज्यादा वेतन न मिल जाए इसलिए जिले की वरिष्ठता सूची बनाकर , जो वरिष्ठ हैं उनको उन जगहों पर जहां हेड नहीं है वहां पर प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाए ।


अब जब लगभग स्पष्ट हो चुका है कि प्रत्येक विद्यालय में या तो हेड होंगे या प्रभारी प्रधान अध्यापक होंगे और उन्हें हेड का वेतन मिलेगा और साथ ही एक बड़ी संख्या में सभी शिक्षक साथी टेट पास कर चुके हैं तो फिर यह प्रमोशन हो क्यों नहीं रहा है ।


दरोगा हो , ग्राम विकास अधिकारी हो , लेखपाल हो , माध्यमिक के शिक्षक हो , राजकीय में शिक्षक हों ,  पीसीएस अधिकारी हों, या अन्य कोई अधिकारी / कर्मचारी , कोई ऐसा विभाग नहीं , जहां प्रमोशन ना हो रहा हो ।


प्रत्येक वर्ष हम लोग प्रत्येक विभाग की प्रमोशन सूची देखते रह जाते हैं और पिछले 10 सालों से हमारे विभाग में प्रमोशन नहीं हुआ ।


प्रयागराज में 2009 बैच के शिक्षक भी अभी तक 17 साल से उसी पद पर कार्य कर रहे हैं । आखिर इन सब चीजों का जिम्मेदार कौन है । क्यों लगातार शिक्षकों के साथ शोषण की नीति अपनाई जा रही है ।


माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द जूनियर सहायक से जूनियर प्रधान अध्यापक का प्रमोशन किया जाए एवं प्राथमिक सहायक से प्राथमिक के प्रधानाध्यापक या जूनियर सहायक अध्यापक के पद पर प्रमोशन किया जाए साथ ही जहां हेड का पद नहीं है , उन विद्यालयों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में प्रभारी प्रधान अध्यापक नियुक्त किया जाए तथा उन्हें प्रधानाध्यापक का वेतन दिया जाए ।


---- अनुराग सिंह

      ( संस्थापक)

 

      ( टीम पहल)

      ( उत्तर प्रदेश)