15 August 2026

प्राथमिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले का रास्ता हाईकोर्ट से साफ

 

प्राथमिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले का रास्ता हाईकोर्ट से साफ

लखनऊ। प्राथमिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षक अपनी पसंद के किसी विशेष विद्यालय में तैनाती का दावा नहीं कर सकते। तबादला नीति के तहत आवेदन पर जिला स्तर पर विचार किया जाएगा, लेकिन किसी खास विद्यालय में नियुक्ति का अधिकार शिक्षक को नहीं है।


पसंद के स्कूल में तैनाती मांगना शिक्षक का अधिकार नहीं

22 जून 2026 के शासनादेश के तहत अंतरजनपदीय तबादलों के लिए निर्धारित जिलेवार छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) को चुनौती देते हुए कुछ शिक्षकों ने याचिकाएं दाखिल की थीं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि आरटीई के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात विद्यालय और कक्षा के आधार पर तय होना चाहिए।

अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिकाएं खारिज कर दीं। पीठ ने कहा कि आरटीई के तहत विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने के उद्देश्य और तबादलों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित जिलेवार छात्र-शिक्षक अनुपात का उद्देश्य अलग-अलग है।

तबादले के बाद विद्यालय आवंटन सरकार की नीति के अनुसार

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि तबादला कोई स्वतः प्राप्त होने वाला अधिकार नहीं है। शिक्षकों को तबादले का अवसर राज्य सरकार की नीति के तहत ही मिलता है। इसलिए नीति में जिला स्तर पर आवेदन पर विचार की व्यवस्था होने के बावजूद शिक्षक किसी खास विद्यालय में नियुक्ति की मांग नहीं कर सकते।

पति-पत्नी के मामलों पर भी मिली स्पष्टता

अदालत ने पति-पत्नी के मामलों पर भी टिप्पणी की। यदि दोनों पति-पत्नी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और अलग-अलग जिलों में तैनात हैं, तो कम छात्र-शिक्षक अनुपात वाले जिलों में ऐसे आवेदनों पर नीति के अनुसार विचार किया जा सकता है।

अंतरजनपदीय तबादलों पर क्या असर?

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्राथमिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। तबादले के लिए आवेदन किया जा सकता है, लेकिन किसी विशेष विद्यालय में तैनाती को अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता। विद्यालय आवंटन और तैनाती सरकार की निर्धारित तबादला नीति के अनुसार ही होगी।

अदालत का मुख्य संदेश: शिक्षक को तबादले का स्वतः अधिकार नहीं है और पसंद के किसी विशेष स्कूल में नियुक्ति का दावा भी नहीं किया जा सकता।