15 August 2026

सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 500 से ज्यादा पद खाली, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

 

सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 500 से ज्यादा पद खाली, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

लखनऊ। प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का असर अब विद्यार्थियों की पढ़ाई पर दिखाई देने लगा है। अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत और कंप्यूटर विषयों के शिक्षकों के पद भी बड़ी संख्या में खाली हैं।


515 पद रिक्त, प्रवक्ता के सबसे ज्यादा पद

रिपोर्ट के अनुसार सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 515 पद रिक्त हैं। इनमें प्रवक्ता के 235, सहायक अध्यापक के 231 और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक के 49 पद शामिल हैं।

इनमें अकेले प्रवक्ता के 235 पद खाली हैं। विषयवार देखें तो हिंदी के 25, अंग्रेजी के 28, गणित के 51, भौतिक विज्ञान के 42, रसायन विज्ञान के 30, जीव विज्ञान के 25, भूगोल के 10, इतिहास के 12 और राजनीति शास्त्र के 12 पद रिक्त बताए गए हैं।

109 सर्वोदय विद्यालयों में करीब 35 हजार विद्यार्थी

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वोदय विद्यालयों की संख्या भी बढ़ी है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में प्रदेश में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जिनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत थे। छह नए विद्यालयों का निर्माण पूरा होने के बाद शैक्षिक सत्र 2026-27 में इनकी संख्या बढ़कर 109 हो गई है।

विद्यालयों की संख्या बढ़ने के साथ शिक्षकों की आवश्यकता भी बढ़ी है, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली रहने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

कई स्कूलों में अंग्रेजी-गणित के शिक्षक भी नहीं

सबसे गंभीर स्थिति उन विद्यालयों में बताई जा रही है जहां अंग्रेजी और गणित जैसे प्रमुख विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और विषयवार तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है।

अतिथि शिक्षकों का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन

शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था का मामला भी फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। शासन के अनुसार पिछले सत्र में एक साल के लिए अतिथि शिक्षक रखे गए थे। जून 2026 में दोबारा विज्ञापन जारी होने के बाद पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षक कोर्ट चले गए। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित है।

कोर्ट के आदेश के आधार पर अगस्त में अतिथि शिक्षकों की तैनाती किए जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में सर्वोदय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पर अब न्यायालय के अगले आदेश का इंतजार है।