10 September 2026

प्रदेश की उत्कृष्ट 10 ग्राम पंचायतों को मिलेगा 50 लाख का पुरस्कार

 यूपी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों को 50-50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पहली बार मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार की शुरुआत की जाएगी। स्वच्छता व पर्यावरण सहित 10 श्रेणियों में ग्राम पंचायतों को परखा जाएगा। इच्छुक व पात्र ग्राम पंचायतें 15 से 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी।



पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित सिंह के मुताबिक, अभी तक पिछले नौ वर्षों से प्रत्येक जिले की पांच-पांच श्रेष्ठ ग्राम पंचायतों यानी कुल 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिया जाता है। अब यह पहली बार है कि पूर्व से चल रही योजना के साथ-साथ पूरे प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ 10 ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिसके तहत ग्राम पंचायतों का चयन 10 विशेष श्रेणियों में किया जाएगा। जिसमें घर-घर कचरा एकत्रित करना, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वयं की आय सृजित करना, प्लास्टिक मुक्त या प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, मेरा तालाब मेरी योजना, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व कॉमन सर्विस सेंटर इत्यादि में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को चुना जाएगा। फिलहाल इच्छुक ग्राम पंचायतों से आवेदन मांगे गए हैं।


5,973 गांवों की विकास योजना मंजूर कराएं:गोयल

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल कहा है कि आदर्श ग्राम योजना के तहत शेष बचे 5,973 ग्रामों का विलेज डेवलपमेंट प्लान शीघ्र तैयार कराएं। साथ ही जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में एक माह के भीतर इसे अनुमोदित भी कराएं। उन्होंने यह भी कहा है कि आदर्श ग्राम योजना के तहत 70 अंक प्राप्त कर चुके 1,878 ग्रामों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित कराया जाए।

मुख्य सचिव एसपी गोयल बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में आदर्श ग्राम योजना, लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम, संचारी रोग नियंत्रण, इन्फ्लुएन्जा की स्थिति, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य तथा फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्धारित अवधि में लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी तथा एक माह के भीतर पेन्डेन्सी समाप्त न होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।