लखनऊ, । उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन से जुड़ी प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को प्रदेश सरकार एक लाख रुपये ब्याज मुक्त मुहैया कराएगी। यह रकम महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए दी जाएगी। एक लाख रुपये में से 20 हजार रुपये की पहली किस्त दिसंबर में जारी की जाएगी। दूसरी किस्त में 30 हजार और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए समूह से जुड़ी एक करोड़ महिलाओं को एक विशेष क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। यह योजना तीन वर्ष के लिए लागू होगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस पर लगातार काम चल रहा है। ऐसे में यह योजना समूह की एक करोड़ दीदियों को आर्थिक रूप से और सशक्त करने के लिए लागू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को योजना भवन में ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की गई। बैंकों के साथ योजना को अमलीजामा पहनाने पर मंथन किया गया। योजना में एक करोड़ दीदियों को पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये का ब्याज मुक्त क्रेडिट दिया जाएगा। इस धनराशि का उपयोग महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय को शुरू करने अथवा पहले से संचालित उद्यम को विस्तार देने में कर सकेंगी। निर्देश दिए गए कि बैंकिंग व्यवस्था को ग्रामीण महिलाओं के लिए और अधिक सुगम बनाया जाए तथा बैंक से संबंधित विभिन्न कार्यों को भी समूह की प्रशिक्षित दीदियों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर कराने की संभावनाओं को बढ़ाया जाए।
डीबीटी के माध्यम से सीधे मिलेगी धनराशि:केशव
पहली किस्त लौटाने के बाद उन्हें 30 हजार रुपये की दूसरी किस्त दी जाएगी। फिर तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पात्र दीदियों को योजना का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि बिचौलियों की किसी भी संभावना को समाप्त किया जा सके और लाभार्थी को समयबद्ध रूप से धनराशि प्राप्त हो।

