प्रयागराज, यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं की विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड के स्तर से कराई जाएगी। पहले अन्य विषयों की तरह विज्ञान और गृह विज्ञान में भी 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होता था और स्कूल के प्रधानाचार्य बच्चों के प्राप्तांक यूपी बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करते थे। इसी अंक के आधार पर हाईस्कूल के अंकपत्र में ग्रेडिंग दी जाती थी।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि हाईस्कूल विज्ञान एवं गृह विज्ञान विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के स्थान पर प्रयोगिक परीक्षाएं आयोजित कराए जाने के संबंध में परिषद विनियमों में संशोधन किया गया है। इस साल से यूपी बोर्ड ने विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है। अधिकांश स्कूलों में किस तरह आंतरिक मूल्यांकन होता है और बच्चों को कैसे नंबर दिए जाते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है।

