06 September 2026

‘सुपर-30’ के तर्ज पर नक्सल मुक्त क्षेत्र में शिक्षक दे रहे मुफ्त कोचिंग, बच्चों में नवोदय परीक्षा को लेकर बढ़ा उत्साह

 

छत्तीसगढ़: नक्सल मुक्त क्षेत्र में शिक्षक दे रहे मुफ्त कोचिंग, बच्चों में नवोदय परीक्षा को लेकर बढ़ा उत्साह

सुपर-30 की तर्ज पर वंचित बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करा रहे शिक्षक

बीजापुर। कभी नक्सली हिंसा और खौफ के लिए चर्चित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में अब शिक्षा की नई इबारत लिखी जा रही है। अमिताभ बच्चन अभिनीत चर्चित फिल्म ‘सुपर-30’ से प्रेरित होकर यहां सरकारी शिक्षक वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त कोचिंग देकर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं।

स्कूल की घंटी बजने से घंटों पहले जिले के छह अलग-अलग प्राथमिक स्कूलों के 50 से अधिक बच्चे नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्थान पर जुटने लगे हैं। इस वर्ष आसपास के छह स्कूलों से करीब 53 बच्चे सुबह की इस विशेष कक्षा में पहुंच रहे हैं।

दो साल से चल रही शिक्षकों की पहल

स्थानीय शिक्षक प्रोतिम कुमार बैगा, गजेंद्र प्रधान और प्रधान पाठक गजेंद्र यादव पिछले दो वर्षों से अपनी नियमित ड्यूटी शुरू होने से पहले बच्चों को तराशने में जुटे हैं। बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह देखकर शिक्षकों ने स्वयं यह पहल शुरू की।

क्लस्टर समन्वयक सत्यजीत राणा के मुताबिक बच्चों में पढ़ाई के प्रति जबरदस्त उत्साह देखकर शिक्षकों ने बिना किसी शुल्क के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने का बीड़ा उठाया है।

सहायक शिक्षक गजेंद्र प्रधान के अनुसार इलाके के बच्चों में नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा को लेकर जबरदस्त क्रेज है। सीमित संसाधनों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बच्चों की लगन को देखते हुए शिक्षक उन्हें परीक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं।

अभावों के बीच बड़े सपने

कक्षा पांचवीं के छात्र अब बंदूक के डर के बजाय कलम के दम पर अपना भविष्य संवारने का सपना देख रहे हैं। एक छात्रा ने उत्साह से बताया कि वह नवोदय परीक्षा की तैयारी कर रही है और आगे चलकर शिक्षिका बनना चाहती है।

शिक्षकों के दो साल के इस अनौपचारिक प्रयास का असर भी दिखने लगा है। दूरदराज और पिछड़े गांवों के कई बच्चे पहले ही प्रतिष्ठित नवोदय विद्यालयों में दाखिला हासिल करने में सफल रहे हैं। दशकों तक संघर्ष और सीमित अवसरों के लिए पहचाने जाने वाले बीजापुर में शिक्षकों की यह छोटी-सी पहल बच्चों के बड़े सपनों को नई उड़ान दे रही है।