3890 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से अभी भी नहीं हटी हाईटेंशन लाइन
बेसिक शिक्षा विभाग ने जताई नाराजगी, जल्द तार हटवाकर रिपोर्ट देने के निर्देश
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन के तार हटाने का काम जारी है, लेकिन इसके बावजूद 3890 विद्यालयों के ऊपर से अभी तक हाईटेंशन लाइन नहीं हटाई जा सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है।
विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तार हटाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की ओर से कमेटी गठित की गई है। जिलों में डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी के माध्यम से तार हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बाद भी सभी चिन्हित विद्यालयों से तार नहीं हटाए जा सके हैं।
बीएसए को दिए गए निर्देश
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए हाईटेंशन लाइन हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। इसके लिए आवश्यक विभागीय समन्वय करने और पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब भी 3890 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है।
प्रयागराज में सबसे अधिक विद्यालय प्रभावित
जिलावार आंकड़ों में प्रयागराज में सबसे अधिक 270 विद्यालय, जबकि जौनपुर में 267 विद्यालयों के ऊपर से तार हटाया जाना बाकी है। इसके अलावा—
- बस्ती – 227
- आजमगढ़ – 172
- गाजीपुर – 169
- सोनभद्र – 156
- सिद्धार्थनगर – 136
- झांसी – 119
- रायबरेली – 116
- फतेहपुर – 115
- बलिया – 102
विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन हटाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने पर विभाग ने जोर दिया है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

