06 September 2026

बड़ा बदलाव : मंडल नहीं, अब प्रदेश स्तर पर होगी प्रधानाचार्य भर्ती प्रक्रिया

 

मंडल नहीं, अब प्रदेश स्तर पर होगी प्रधानाचार्य भर्ती प्रक्रिया

लिखित परीक्षा होने के चलते यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग कर रहा बदलाव

प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक भर्ती प्रक्रिया अब मंडल स्तर के बजाय प्रदेश स्तर पर कराने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार प्रधानाचार्य भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित करेगा।


लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। आयोग जल्द ही भर्ती का विज्ञापन जारी करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अलग-अलग मंडलों के लिए अलग आवेदन करने के बजाय एक ही आवेदन करना होगा और शुल्क भी एक बार ही जमा करना होगा।

मेरिट के आधार पर चयन

नई व्यवस्था में प्रधानाचार्य पद पर चयन प्रदेश स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और चयन प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। पहले भर्ती प्रक्रिया मंडल स्तर पर होती थी, जिसमें अभ्यर्थियों को अलग-अलग मंडलों के लिए आवेदन करना पड़ता था।

आयोग की ओर से किए जा रहे बदलाव से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश स्तर पर चयन होने से एक ही शिक्षक का चयन कई मंडलों में होने जैसी स्थिति भी समाप्त हो सकेगी।

13 वर्ष बाद शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

वर्ष 2013 में एडेड कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कुछ दिन पहले आयोग को सूचना भेजी थी, जिसमें इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 पदों और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 पदों पर भर्ती की बात कही गई थी। हालांकि स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण आयोग ने प्रस्ताव वापस भेज दिया था। अब नए अधियाचन में पदों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

पहले मंडल स्तर पर भर्ती होने के कारण एक ही शिक्षक का चयन कई मंडलों में हो जाता था। नई प्रदेश स्तरीय व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।