तेजी से होगी नई शिक्षक भर्ती, स्कूलों में होंगे टॉप-5 स्टूडेंट्स रीडर्स जैसे कार्यक्रम
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती के साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी प्रदेश सरकार फोकस कर रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षकों की भर्ती, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को जरूरी बताया।
मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना आर्थिक विकास का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए स्कूलों में समाचार पत्र और किताबों को पढ़ाई का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए सप्ताह में एक दिन पठन सत्र के साथ रीडर्स ऑफ द वीक और टॉप-5 स्टूडेंट रीडर्स जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
25,790 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 25,790 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जा चुके हैं। मंत्री ने कहा कि केवल तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित रूप से कक्षा शिक्षण में उपयोग भी होना चाहिए।
बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक और मानवीय विकास पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए। सर्वांगीण विकास के लिए खेल, आत्मरक्षा, कला और क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
प्रोफेशनल कोच और पूर्व छात्रों को जोड़ा जाएगा
बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए प्रोफेशनल कोच की सेवाएं लेने और प्रतिभाशाली बच्चों को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर दिया गया।
स्कूलों से पढ़कर निकले सफल पूर्व छात्रों को जोड़ने के लिए एलुमनाई मेंटरशिप मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके तहत सिविल सेवक, डॉक्टर, उद्यमी और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्र विद्यार्थियों को पढ़ाई और करियर से जुड़ी जानकारी देंगे।
75 जिलों में निपुण सम्मान समारोह
शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में निपुण सम्मान समारोह आयोजित किए जा चुके हैं। स्कूलों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में यूनियन बैंक के सहयोग से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण, एडनेट फाउंडेशन और आईबीएम के साथ जलवायु परिवर्तन व साइबर सुरक्षा से जुड़े शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा डेलॉयट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

