लखनऊ: जिलाधिकारी के आदेश पर भारी पड़ा BEO, जोन-3 के स्कूल खोलने पर विवाद
लखनऊ। पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बीच जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद जोन-3 के कई स्कूल खुलने का मामला सामने आया है। इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी जोन-3 के कुछ विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि कुछ स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कराने की स्थिति बन गई थी।
डीएम के आदेश के बावजूद स्कूल खोलने का आरोप
समाचार रिपोर्ट में बताया गया है कि जिलाधिकारी ने भारी बारिश और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जोन-3 में स्कूल खोले जाने की जानकारी मिलने पर मामला चर्चा में आ गया।
मामले में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी प्रवेंद्र शुक्ला से भी जानकारी ली गई। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जिलाधिकारी के आदेश के तहत स्कूलों को बंद कराने की बात कही।
सभी स्कूलों को खोलने का निर्देश देने का दावा
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जोन-3 के सभी स्कूलों को खोलने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, संबंधित अधिकारी की ओर से कहा गया कि जिलाधिकारी के आदेश की गलत व्याख्या हुई है और शिक्षण कार्य बंद करने के निर्देश का पालन कराया जा रहा है।
शिक्षक और कर्मचारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
बारिश के कारण स्कूलों में शिक्षकों, हेडमास्टर, शिक्षामित्र, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और संविदा कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी भ्रम की स्थिति बताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कर्मचारियों को स्कूल पहुंचने की जानकारी दी गई थी।
वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय से जुड़े अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी गई। अधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और जोन-3 के स्कूलों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
एसीपी ने भी बताए निर्देश
समाचार में एसीपी रत्नेश सिंह के हवाले से भी बताया गया है कि स्कूल खोलने को लेकर संबंधित स्तर पर निर्देशों की जानकारी ली गई। पूरे मामले में प्रशासनिक आदेश और स्थानीय स्तर पर दिए गए निर्देशों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
नोट: ऊपर की खबर उपलब्ध अखबार की कटिंग के आधार पर तैयार की गई है। अधिकारियों के बयान और प्रशासनिक आदेश की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
.jpeg)
