27 September 2026

घर की सफाई करते समय सावधान! खुशबू वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स बना सकते हैं खतरनाक नैनोपार्टिकल्स

 

घर की सफाई करते समय सावधान! खुशबू वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स बना सकते हैं खतरनाक नैनोपार्टिकल्स

Household Cleaning Products: घर की सफाई के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले scented cleaners, air fresheners और दूसरे खुशबूदार प्रोडक्ट्स घर को साफ और सुगंधित तो बनाते हैं, लेकिन इनसे indoor air में बेहद छोटे nanoparticles बन सकते हैं। हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि इन कणों का आकार इतना छोटा हो सकता है कि वे सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं।  

खुशबूदार प्रोडक्ट्स से कैसे बनते हैं नैनोपार्टिकल्स?

Purdue University की Research Team ने एक मॉडल घर में रोजमर्रा की सफाई के दौरान होने वाली indoor air chemistry का अध्ययन किया। इसमें scented liquid cleaners, sprays और wipes जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया गया।

शोध के अनुसार, इन प्रोडक्ट्स में मौजूद fragrance compounds, जैसे limonene और pinene, indoor air में मौजूद ozone के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इस chemical reaction से बहुत छोटे airborne particles बनते हैं।  

ये particles इतने छोटे हो सकते हैं कि सामान्य घरेलू air-quality monitors भी इन्हें आसानी से detect नहीं कर पाते। शोध में अधिकतर nanoparticles का आकार लगभग 1 से 30 nanometers के बीच पाया गया।  


कुछ ही मिनट में बन सकते हैं अरबों कण

Research में पाया गया कि मॉपिंग, countertop पर spray करना या scented cleaning products से सतह साफ करने जैसी activities के दौरान nanoparticles तेजी से बन सकते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में इनकी संख्या अरबों या खरबों particles तक पहुंच सकती है। ये particles कुछ ही मिनटों में बनना शुरू हो सकते हैं।  

इन ultrafine particles का एक हिस्सा सांस के साथ respiratory system में पहुंच सकता है और गहराई तक जमा हो सकता है। Researchers ने इसे respiratory exposure के लिहाज से चिंता का विषय बताया है, हालांकि इसके long-term health effects को समझने के लिए अभी और research की जरूरत है।  सिर्फ chemical cleaners ही नहीं, botanical products भी

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि समस्या सिर्फ traditional chemical cleaning products तक सीमित नहीं बताई गई है। Researchers ने conventional के साथ botanical और essential-oil based products का भी अध्ययन किया।

इनमें मौजूद natural fragrance compounds भी indoor ozone के साथ reaction करके nanoparticles बनाने में योगदान कर सकते हैं। इसलिए केवल यह मान लेना कि कोई product “natural” या “herbal” है, उसे indoor air pollution के लिहाज से पूरी तरह risk-free नहीं बनाता। 

Researchers ने exposure कम करने के लिए कुछ practical steps सुझाए हैं:

  • संभव हो तो low-fragrance या fragrance-free cleaning products इस्तेमाल करें।

  • एक ही समय में कई scented products का इस्तेमाल करने से बचें।

  • सफाई के दौरान exhaust fan चलाएं और संभव हो तो ventilation रखें।

  • कमरे में fresh air का circulation बनाए रखें।

  • scented cleaning products के साथ ozone-generating devices का इस्तेमाल एक साथ न करें।  

घर साफ करना बंद करने की जरूरत नहीं

इस Research का मतलब यह नहीं है कि घर की सफाई करना नुकसानदायक है या cleaning products का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया जाए। सफाई से germs और dirt हटाने में मदद मिलती है।

मुख्य चिंता यह है कि खुशबूदार cleaning products के इस्तेमाल के दौरान indoor air में invisible particles बन सकते हैं। इसलिए बेहतर ventilation और कम fragrance वाले products का चुनाव exposure को कम करने का एक practical तरीका हो सकता है। 

निष्कर्ष

घर को साफ और खुशबूदार रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले air fresheners, scented cleaners, sprays और अन्य fragrance products को लेकर अब indoor air quality पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

वैज्ञानिक शोधों के मुताबिक, इन उत्पादों से निकलने वाले fragrance compounds indoor ozone के साथ प्रतिक्रिया करके ultrafine nanoparticles बना सकते हैं, जो सांस के जरिए respiratory system तक पहुंच सकते हैं। इसलिए सफाई करते समय ventilation रखें और कम fragrance या fragrance-free products को प्राथमिकता दें। 

Source: Purdue University, American Chemical Society (ACS) और संबंधित वैज्ञानिक शोध।