यूपी बेसिक शिक्षा में अवकाश के प्रमुख नियम: CL से CCL तक जानें शिक्षकों के छुट्टी संबंधी अधिकार
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अवकाश से जुड़े प्रमुख नियमों को एक जगह संकलित किया गया है। इसमें आकस्मिक अवकाश (CL), उपार्जित अवकाश (EL), चिकित्सा अवकाश, मातृत्व/प्रसूति अवकाश, गर्भपात/गर्भस्राव अवकाश और बाल्य देखभाल अवकाश (CCL) समेत विभिन्न अवकाशों की जानकारी दी गई है।
14 दिन का आकस्मिक अवकाश (CL)
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए आकस्मिक अवकाश 14 दिन प्रति वर्ष बताया गया है। विशेष परिस्थितियों में एक समय में 10 दिन से अधिक CL लेने से संबंधित प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। अवकाश के लिए आवेदन मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करने की व्यवस्था है।
उपार्जित अवकाश (EL)
परिषदीय शिक्षकों के लिए उपार्जित अवकाश 1 दिन प्रति वर्ष का उल्लेख किया गया है। साथ ही ग्रीष्म/शीतकालीन अवकाश के दौरान अर्जित/उपार्जित अवकाश से संबंधित शासनादेश का संदर्भ दिया गया है।
चिकित्सा अवकाश
बीमारी की स्थिति में सेवा नियमों के अनुसार चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर चिकित्सा अवकाश के लिए आवेदन किया जा सकता है। पोस्टर में मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आवेदन और संबंधित शासनादेशों का उल्लेख किया गया है।
मातृत्व अवकाश: 180 दिन
महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व/प्रसूति अवकाश 180 दिन तक का प्रावधान बताया गया है। पोस्टर में इसे अधिकतम तीन बार लिए जाने संबंधी प्रावधान का भी उल्लेख है।
गर्भपात/गर्भस्राव अवकाश
गर्भपात या गर्भस्राव की स्थिति में 6 सप्ताह (42 दिन) तक के अवकाश का उल्लेख किया गया है। इसके लिए अधिकृत चिकित्सक के प्रमाण-पत्र से संबंधित नियम लागू होंगे।
CCL: 730 दिन तक बाल्य देखभाल अवकाश
बाल्य देखभाल अवकाश (CCL) की अधिकतम सीमा 730 दिन (सम्पूर्ण सेवाकाल) बताई गई है। पोस्टर में इससे जुड़े शासनादेश और बाद में किए गए संशोधनों का उल्लेख किया गया है।
किन अवकाशों को लेकर सावधानी जरूरी?
पोस्टर में निर्वाधित/प्रतिबंधित अवकाश और प्रतिकर अवकाश को परिषदीय विद्यालयों के वर्तमान प्रावधानों के अनुसार अनुमन्य नहीं बताया गया है। इसी तरह अध्ययन अवकाश को भी वर्तमान व्यवस्था में अनुमन्य नहीं बताया गया है।
बिना स्वीकृति अवकाश के अनुपस्थित न रहें
अवकाश के लिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं है। पोस्टर के अनुसार अवकाश की सक्षम स्तर से स्वीकृति आवश्यक है। बिना स्वीकृति अनुपस्थित रहने पर विभागीय कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
प्रधानाध्यापक, BEO और BSA की भूमिका
अवकाश आवेदन के निस्तारण में नियम, पात्रता और अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए। पोस्टर में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी को अवकाश नियमों और मानव संपदा प्रक्रिया के अनुसार आवेदन का निस्तारण करना चाहिए।
महत्वपूर्ण: अवकाश की वास्तविक पात्रता, अवधि और स्वीकृति संबंधित सेवा नियम, लागू शासनादेश तथा कर्मचारी की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। किसी पुराने आदेश और वर्तमान व्यवस्था में अंतर होने पर नवीनतम लागू शासनादेश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

