22 September 2026

आ रहा चक्रवात अर्नब? भारत में कहां और कब देगा दस्तक, किन राज्यों में मचाएगा कोहराम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, देखें IMD का बड़ा अपडेट

 

Cyclone Arnab: वैसे तो देश से अब मॉनसून लौटने लगा है लेकिन इस समय बंगाल की खाड़ी में कुछ ऐसी उथल-पुथल हो रही है, जिसकी वजह से इस हफ्ते देश के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान आने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव वाला क्षेत्र विकसित हुआ है जो अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके असर से 24 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ में; और 23-24 सितंबर, के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।



मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का यह तंत्र 'गहरे दबाव' में तब्दील हो सकता है, जिससे ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इससे प्रमुख नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। IMD ने बताया कि यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है, हालांकि अब तक इसके तेज होने की गति धीमी रही है। इस तंत्र के 23 सितंबर की रात ओडिशा तट को पार करने की संभावना है, जो संभवतः गंजम और पुरी जिलों के बीच चिल्का के पास हो सकता है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं भी चलने का अनुमान है।


अभी क्या स्थिति?

IMD ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ चुका है और यह एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव के गहरे क्षेत्र) में बदल चुका है। IMD ने कहा. “आज, 21 सितंबर 2026 को शाम 5:30 बजे (IST) यह पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर (लगभग 17.7°N अक्षांश और 87.8°E देशांतर पर) केंद्रित था। यह पुरी (ओडिशा) से लगभग 310 किमी दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 310 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 390 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 470 किमी पूर्व में स्थित था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'डीप डिप्रेशन' (बहुत गहरे कम दबाव के क्षेत्र) में बदलने की बहुत संभावना है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके 23 सितंबर 2026 की रात से 24 सितंबर 2026 की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश - दक्षिणी ओडिशा तट को 'डीप डिप्रेशन' के रूप में पार करने की बहुत संभावना है।”



क्या है अर्नब?

मौसम विभाग ने कहा है कि यह निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवात का रूप ले सकता है और अगर ऐसा होता है तो इसका नाम चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) रखा जाएगा। ये नाम बांग्लादेश ने सुझाया है। यानी यह एक संभावित चक्रवाती तूफान है, जिसका असर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ने की आशंका है। IMD ने बताया है कि ओडिशा तट से टकराने के बाद इसके उत्तर और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़कर झारखंड तक बढ़ने की उम्मीद है। IMD इस मौसमी हलचल पर नजर बनाए हुए है, हालांकि इसके पूर्ण चक्रवात बनने की आधिकारिक पुष्टि अभी होनी बाकी है।


 कहां-कहां होगी बारिश?

हालांकि, मौसम वि



भाग ने कहा है कि इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना साफ तौर पर दिखाई देने वाला कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके असर से 24 तारीख को ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर और 23-24 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने कहा है कि 22 सितंबर की दोपहर तक इसके आगे बढ़ने की दिशा और गति के बाद इसके टकराने की सटीक जगह के बारे में और स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।



ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा

हालांकि, भुवनेश्वर स्थित पर्यावरण और जलवायु केंद्र (सीईसी) के निदेशक शरत चंद्र साहू ने कहा है कि इसके असर से 21 से 23 सितंबर के बीच पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, गंजम, खुर्दा, कटक, गजपति, रायगढ़ा, कंधमाल, कालाहांडी, नबरंगपुर, बोलांगीर, ढेंकनाल, अंगुल, नयागढ़ और नुआपाड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 23 से 26 सितंबर के बीच भारी बारिश का क्षेत्र ओडिशा के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार बारिश से महानदी, ब्राह्मणी, सुवर्णरेखा और बुढ़ाबलंगा नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है। उन्होंने कहा कि अनुमानित अवधि के दौरान खुर्दा, कटक और नयागढ़ जिलों में बहुत अधिक भारी बारिश होने की संभावना है।


 झारखंड में भी बदलेगा मौसम

चक्रवात की वजह झारखंड में भी अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के भी आसार हैं।