प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और नाबालिग बेटी के भरण-पोषण के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने पति के सकल वेतन में से आयकर की कटौती को छोड़कर शेष राशि के आधार पर 25 प्रतिशत रकम भरण-पोषण के लिए देने का निर्देश दिया है।
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यह राशि पति के वेतन से काटकर पत्नी के सत्यापित बैंक खाते में जमा की जाएगी। कोर्ट ने संबंधित पारिवारिक न्यायालय और इंडियन बैंक, उन्नाव के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक आदेश पारित करने और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने पिंकी वर्मा और अन्य की ओर से दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर यह आदेश दिया।

