प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाह पंजीकरण में उम्र के सत्यापन को लेकर बढ़ती लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शादी का रजिस्ट्रेशन केवल आधार कार्ड या स्कूल टीसी के आधार पर नहीं किया जा सकता।
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बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से हाईकोर्ट ने इस मामले में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दीपक पाल की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित एआईजी (रजिस्ट्रेशन) अमिताभ कुमार ने स्वीकार किया कि संबंधित मामले में विवाह का पंजीकरण केवल टीसी और आधार कार्ड के आधार पर कर दिया गया था।
हाईकोर्ट के इस आदेश का उद्देश्य विवाह पंजीकरण के दौरान उम्र के सत्यापन में बरती जाने वाली लापरवाही को रोकना और बाल विवाह पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

