प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि गलत वेतन निर्धारण के नाम पर रिटायरमेंट के बाद वेतन पुनर्निर्धारण और अधिक भुगतान की वसूली नहीं हो सकती, खासकर जब कर्मचारी ने कोई धोखाधड़ी या गलत मांग न की हो और वह तृतीय या चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी हो। कोर्ट ने याची से अधिक वेतन की वसूली आदेश रद्द करते हुए काटी गई राशि आठ फीसदी ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने मंत्री प्रसाद की याचिका पर दिया है। याची की ओर से अधिवक्ता ब्रह्म नारायण सिंह ने बहस की। याची 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में तैनात था।
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