परिषदीय स्कूलों में पहुंचने से पहले खोल दिए गए पेपर, जानें पूरी खबर


 आज से शुरू होंगी वार्षिक गृह परीक्षाएं, ज्यादातर में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे 
कन्नौज 22 मार्च से शुरू हो रहीं परिषदीय स्कूलों की वार्षिक गृह परीक्षाओं को लेकर नियम तो कई लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने उसका पालन ही नहीं किया है। इसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बीआरसी में ही प्रश्न पत्र खोल दिए गए, जिस शिक्षक या अन्य व्यक्ति ने चाहा उसे देखा और पढ़ा। इसको लेकर पेपर आउट होने की बात कही जा रही है।


बेसिक शिक्षा कार्यालय के मुताबिक 22 से 26 मार्च तक चलने वाली सालाना गृह परीक्षाओं में कक्षा एक से आठ तक के करीब एक लाख 74 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे नियम मुताबिक 21 मार्च तक बीईओ को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रश्न पत्र भिजवा देने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीआरसी में सभी विषयों के प्रश्न पत्र टेबल और जमीन पर खुले में रखे थे। उनको गिनने के लिए कुछ लोग लगे थे। वहां उपेंद्र यादव नेताजी की वेशभूषा में मौजूद थे। जहा पेपर रखे थे, वहां हर कोई जा रहा था और निकल रहा था। पेपर में कौन-कौन से प्रश्न थे, सभी लोग पढ़ रहे थे। कहा जा रहा है कि प्रश्न पत्र सील होकर परिषदीय स्कूलों में पहुंचना चाहिए। वहां पर ही सील खोलकर परीक्षाओं के दौरान वितरण होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
प्रधानाध्यापक बोली, जानकारी नहीं दी गई
सोमवार को दोपहर तक प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उर्जना में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे थे। प्रधानाध्यापक गुंजन भदौरिया ने बताया कि कोई भी सूचना नहीं मिली है। उत्तर पुस्तिकाएं खरीदी हैं। बीएसए कार्यालय के निकट स्थित प्राथमिक स्कूल ऋतुकला को प्रधानाध्यापक मंजू पाल ने बताया कि फोन आया था, बीआरसी में पेपर लेने जाना है। दोपहर तक प्रश्न पत्र और कॉपियां नहीं आई हैं।
बीआरसी से सभी स्कूलों में प्रश्न पत्र पहुंच गए हैं। समय कम था, इसलिए सहयोग से भेजे गए हैं। 22 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। संगीता सिंह, बीएसए
शिक्षक शिक्षिकाओं को बुलाया गया
चीआरसी पर कई शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रश्न पत्र देने के लिए सोमवार को बुलाया गया था। की माने तो नोडल संकुल शिक्षक की जिम्मेदारी होती है कि वे विद्यालयों में प्रश्न पत्र पहुंचाएं। एक न्याय पंचायत में पांच शिक्षक संकुल और एक नोडल शिक्षक संकुल होते हैं।
प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्न पडल आया था, उसे सही करने के बाद प्रश्न पत्र गिने गए और लिफाफे में पैक कर भेजे गए हैं। एनपीआरसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
शिव सिंह, सीईओ कन्नौज

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