प्रवक्ता में बीएड अनिवार्य,100 साल पुराने नियम में होगा बदलाव


प्रयागराज। राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती में भी बीएड को अनिवार्य किया जाएगा। माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अर्हता लागू करने के लिए शासन स्तर पर मंथन तेज हो गया है। इस संबंध में बुधवार को शासन में उच्च स्तरीय बैठक होगी। एनसीटीई ने 16 दिसंबर 2014 को जारी अधिसचूना में प्रवक्ता भर्ती के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीएड को अनिवार्य कर दिया था।

केंद्रीय विद्यालयों में भी पीजीटी (प्रवक्ता) भर्ती में बीएड अर्हता अनिवार्य है। लेकिन एनसीटीई की अधिसूचना जारी होने के तकरीबन आठ साल बाद भी यूपी में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से की जाने वाली राजकीय विद्यालयों की प्रवक्ता भर्ती और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती में बीएड की अनिवार्यता नहीं है। इसके लिए दोनों भर्तियों की नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। गौरतलब है कि सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक या एलटी ग्रेड भर्ती) में बीएड अनिवार्य योग्यता है।


100 साल पुराने नियम में होगा बदलाव

सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती में इंटरमीडिएट एक्ट 1921 के नियमों के आधार पर भर्ती होती है। यही कारण है कि कला शिक्षकों की भर्ती में अब तक लाहौर की डिग्री मान्य है और बीएफए, एमएफए जैसी डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाते। इसी प्रकार अन्य विषयों की शिक्षक भर्ती में भी विसंगतियां हैं। सूत्रों के अनुसार नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार है। विधानसभा से पास होने के बाद लागू होगा।

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