हेडमास्टर द्वारा महिला शिक्षिकाओं के साथ किये जा रहे दुर्व्यवहार एवं मानसिक प्रताड़ना के सम्बन्ध में

 हेडमास्टर द्वारा महिला शिक्षिकाओं के साथ किये जा रहे दुर्व्यवहार एवं मानसिक प्रताड़ना के सम्बन्ध में

सादर अवगत कराना है कि प्रार्थिनी शशिकला, प्रा०वि० कौड़िया, शिक्षाक्षेत्र कोयलसा जनपद आजमगढ़ में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात हूं महोदय मेरे स्कूल के हेडमास्टर श्री प‌द्माकर सिंह आये दिन मुझे प्रताड़ित करते रहते हैं साथ ही मुझे एवं मेरे पति को गालियां देते रहते हैं। 




जब मैंने विरोध किया तो मुझसे मौखिक बात न कर के व्हाट्सप्प के माध्यम से बात करने के लिए कहा साथ ही अवगत कराना है कि मैं वरिष्ठ सहायक अध्यापिका हूं लेकिन हेडमास्टर जब अवकाश पर रहते हैं तो मुझे प्रभार न देकर कनिष्ठ पुरूष अध्यापकों को विद्यालय का प्रभार देते हैं जो इनके पुरूषवादी मानसिकता का द्योतक है।




महोदय जब कभी मैं बच्चों को खेलने एवं पढ़ने के लिए विद्यालय की सामग्री दे देती हूं तो उसके लिए भी मुझे गाली देकर प्रताड़ित करते है साथ ही साथ बच्चों एवं उनके अभिभावकों को भी गालियां देते हैं जिसकी शिकायत अक्सर बच्चे मुझसे करते रहते है दिनांक 4 मई 2024 को हेडमास्टर जब कक्षा तीन के बच्चों को पढ़ा रहे थे तो गुझे उरा कक्ष में में बुलाकर बच्चों के समक्ष मेरे साथ दुर्व्यवहार एवं गाली गलौच किए। 




फिर में कक्षा 1 की उपस्थिति पंजिका लेने के लिए कार्यालय जाने लगी तो मेरे पीछे पीछे आकर कार्यालय के बाहर एवं कार्यालय में भी मुझे प्रताड़ित करके गालियां देते रहे इस दौरान उन्होनें मेरे हाथों को तेजी से मरोड़ कर उपस्थिति पंजिका भी छीन लिया और भविष्य में फिर इसे न छूने की धमकी दी।




महोदय इस तरफ जहां प्रधानमंत्री जी द्वारा 'महिला सशक्तीकरण' एवं 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के अभियान को मुहिम दी जा रही हैं वही दूसरी तरफ श्री प‌द्माकर सिंह जैसे विकृत एवं पुरुषवादी मानसिकता के लोग इस तरह के कृत्य से प्रधानमंत्री जी के मुहिम को कलंकित कर रहे हैं। 



प‌द्माकर सिंह द्वारा किया जा रहा यह दुर्व्यवहार पहले भी इस विद्यालय में पूर्व में कार्यरत आराधना मैम के साथ किया गया था शिकायत होने पर जिसका संज्ञान तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अतुल कुमार सिंह, तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी सुश्री स्वेता गौर्या एवं महिला शिक्षक संघ द्वारा लिया गया था परन्तु उचित कार्यवाही न होने के कारण उन्होनें अपना स्थानान्तरण करवा लिया।



महोदय उपरोक्त कृत्यों के कारण प्रार्थिनी अत्यन्त मानसिक पीड़ा एवं दबाव के दौर से गुजर रही है यदि इस दौरान किसी भी तरह की अनहोनी होती है तो समस्त जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।



अतः आपसे निवेदन है कि उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए इसकी जांच करवा कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की कृपा करें।