स्कूल से अनुपस्थित शिक्षकों के वेतन रोकने को लेकर बीएसए व वित्त अधिकारी आमने-सामने

झाँसी जनपद में स्कूल से अनुपस्थित मिले शिक्षकों की वेतन रोकने को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व वित्त व लेखाधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। बीएसए ने बन्द विद्यालयों के शिक्षकों के साथ अनुपस्थित मिल रहे शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश जारी किए है। इन आदेशों को लागू करने के लिए इस सूची को वित्त व लेखाधिकारी कार्यालय को भेजा गया। इस पर वित्त व लेखाधिकारी ने स्कूल शिक्षा महानिदेशक का आदेश का हवाला देकर ऐसे शिक्षकों की वेतन रोकने से असमर्थता जतायी है।







जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नीलम यादव के साथ खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयकों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस देकर स्पष्टीकरण माँगा गया है। शिक्षकों के स्पष्टीकरण आने तक वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए जाते हैं। इन आदेशों के पालन के लिए वित्त व लेखाधिकारी के साथ सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय में भी सूचना दी जाती है, जिससे शिक्षकों की वेतन का आहरण नहीं किया जा सके। पिछले दिनों बीएसए ने बबीना ब्लॉक का निरीक्षण किया, तो 3 स्कूल बन्द मिले। इसके पहले एडी (बेसिक) अरुण कुमार को भी स्कूल बन्द मिले थे।





इसके अलावा दर्जनों शिक्षक अनुपस्थित मिले थे। इसके पहले भी निरीक्षण हुए और वेतन रोकने के आदेश हुए। इस बीच, 10 मई को जिला वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा ने बीएसए को पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्यवाही के नाम पर वेतन अवरुद्ध के दिए गए निर्गत आदेशों के अनुपालन में असमर्थता जतायी। उन्होंने स्कूल शिक्षा महानिदेशक द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही के अन्तर्गत वेतन अवरूद्ध करने पर रोक लगाने का आदेश भी भेजा है। इससे अनुपस्थित शिक्षकों की वेतन रोकने को लेकर बीएसए तथा वित्त व लेखाधिकारी आमने- सामने आ गए हैं। इसको लेकर सर गायब रहने शिक्षक खुश दिख रहे हैं।