शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों के तबादले होने के बाद खलबली मची हुई है। कई शिक्षकों के ब्लॉक से करीब 70 किलोमीटर दूर तबादले किए जाने का आरोप है। शिक्षक संगठन के ब्लॉक से लेकर जिला कार्यकारिणी तक के पदाधिकारी तबादले की जद में आए हैं। ऐसे में शिक्षकों ने विरोध जताते हुए मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सीडीओ को ज्ञापन दिया। सीडीओ ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
न्यायालय के आदेश के बाद जिले के अंदर 271 शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी का मिर्जापुर और शिक्षक नेता सरताज अली का कलान तबादला किया गया है। इसी तरह कई अन्य शिक्षक नेताओं के तबादले भी किए गए हैं।
बिना विकल्प मांगे तबादला होने से शिक्षकों में रोष है। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के शिष्टमंडल ने सीडीओ को ज्ञापन दिया। उन्हें बताया कि समायोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं शासनादेशों की अनदेखी की गई है। कई शिक्षकों का एक ही शैक्षिक सत्र में तीन-तीन बार विद्यालय परिवर्तन किया गया है, वहीं महिला शिक्षकों, वरिष्ठ शिक्षकों तथा मार्च 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को 60 से 70 किलोमीटर दूरस्थ विद्यालयों में समायोजित किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मंत्री देवेश बाजपेई, रवींद्र पाल प्रजापति, राजकुमार तिवारी आदि शामिल रहे।
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ददरौल विधायक को ज्ञापन दिया
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने ददरौल विधायक अरविंद सिंह से मुलाकात कर शिक्षकों के समायोजन में धांधली का आरोप लगाया। ज्ञापन देकर बताया कि समायोजन होने के कारण कई विद्यालय पूरी तरह शिक्षकविहीन कर दिए गए हैं। दिव्यांग, महिला व वरिष्ठ शिक्षकों को भी दूरस्थ विद्यालयों में भेज दिया गया है। ज्ञापन में समायोजन प्रक्रिया को रुकवाते हुए काउंसलिंग के जरिये विकल्प लेते हुए विद्यालय आवंटन की मांग की गई है। इस दौरान जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, जिला मंत्री विजय प्रताप सिंह, नितिन मिश्रा, जुबेर आलम, अजीत कनौजिया, महेंद्र पाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

