UpdateMarts•Com
Follow Channel

13 January 2026

कुछ अलग: बिना गलती खाते से निकली राशि दस दिन में वापस होगी

  राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने बैंक खातों से होने वाली ठगी पर अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा है कि यदि किसी के खाते से अवैध तरीके से रुपये की निकासी होती है और इसमें खाताधारक की गलती या लापरवाही नहीं है, तो 10 दिन के भीतर निकाली गई रकम वापस करना बैंक की जिम्मेदारी है।



शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के 2017 के सर्कुलर के प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए यह फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाही और सदस्य भरतकुमार पांड्या की पीठ ने महिला खाताधारक के हक मे फैसला देते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ बैंक की अपील को खारिज कर दिया। हाल में पारित फैसले में आयोग ने कहा कि खाते से लेनदेन की प्रकृति और समय (शाम- सात बजे और रात के 12 से 1 बजे के बीच) से इस बात का कोई संदेह नहीं रह जाता है कि यह या तो सिस्टम यानी बैंकिंग तंत्र की कोई गड़बड़ी है या किसी तरह की हैकिंग है। इसी का शिकार शिकायतकर्ता हुआ। कहा कि शिकायतकर्ता ने खाते में गड़बड़ी की तुरंत सूचना बैंक को दी थी, इसलिए आरबीआई द्वारा 2017 में जारी सर्कुलर के अनुसार उसके रकम का एक कुशल संरक्षक होने में बैंक पूरी तरह से विफल रहा।


ओटीपी साझा नहीं किया तो बैंक दोषी

पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता बैंक ऐसा साक्ष्य पेश करने में विफल रहा कि खाताधारक ने ओटीपी किसी अनजान के साथ साझा की थी। ऐसे में मौजूदा मामला आरबीआई सर्कुलर के क्लॉज 6(ए) के तहत आता है, जो खाताधारक की ‘शून्य देयता’ निर्देशित करता है। पीठ ने कहा कि बैंक की यह जिम्मेदारी है कि जब खाताधारक की कोई लापरवाही नहीं हो तो वह खाते से गायब रकम 10 कार्य दिवसों में वापस करें। हम राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोग के निष्कर्ष से सहमत हैं कि बैंक सेवा में कमी का दोषी है।

Guruji Portal: Hindi Notes| Free Exam Notes |GS Notes| Quiz| Books and lots more