गांव में ही बनेगा आधार कार्ड, लाभान्वित होंगे ग्रामीण
प्रतापगढ़। अब ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए ब्लॉक और शहर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर बने पंचायत भवनों में आधार सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले में संचालित 18 पंचायत भवनों में यह सुविधा शुरू की जाएगी। पंचायत भवनों में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का कार्य जल्द ही पंचायत राज विभाग शुरू करेगा। केंद्र पर आवश्यक उपकरण भी लगाए जाएंगे।
केंद्रों पर नया आधार कार्ड बनाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण तक की सुविधाएं ग्रामीणों को प्रदान की जाएंगी। केंद्रों का संचालन पंचायत सहायक के माध्यम से किया जाएगा।
योजना के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पंचायत राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इम्प्लीमेंट एजेंसी आईडी निर्गत कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह से अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पंचायत भवनों में संचालित होगा आधार सेवा केंद्र
यूआईडीएआई के अनुसार यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण के साथ ग्रामीणों को गांव में ही आधार सुविधा प्रदान करेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ ही पंचायत भवनों में सुविधा शुरू की जाएगी। अभियान के सफल क्रियान्वयन पर जिले के 1148 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र संचालित होंगे।
26 फीसदी बच्चों का ही बन सका आधार
जिले के परिषदीय विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले महज 26 फीसदी बच्चों (03 से 05 वर्ष) का ही आधार कार्ड बन सका है। आधार कार्ड के अभाव में अभिभावकों के खाते में डीबीटी धनराशि भेजने में दिक्कत आ रही है। अभियान के तहत शेष बच्चों का आधार बनवाया जाना है।
हालांकि पांच से 18 आयु वर्ग के बच्चों का 91 फीसदी आधार कार्ड बन गया है। सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने बताया कि बीएसए और डीपीओ को लक्ष्य प्राप्ति लाने के निर्देश दिए गए हैं।

