14 April 2026

25 लाख टैबलेट खरीद की तैयारी तेज, योजना से जुड़े अहम बिंदु

 





लखनऊ।
प्रदेश में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्रों को निःशुल्क टैबलेट वितरण की प्रक्रिया तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। डिजीशक्ति पोर्टल से विभिन्न विभागों ने 34.78 लाख लाभार्थियों का डेटा सत्यापन के लिए भेज दिया है। अभी तक 16.4 लाख अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन हो चुका है और संस्थाओं से नए अभ्यर्थियों का डेटा मांगा गया है।

25 लाख टैबलेट की खरीद पर आने वाले अनुमानित 3000 करोड़ रुपये के खर्च का एक बड़ा हिस्सा वित्त वर्ष 2026-27 के 2374 करोड़ रुपये से भी दिया जाएगा। एक टैबलेट लगभग 12000 का होगा।

सरकार की प्राथमिकता इस योजना के तहत अधिकतम पात्र युवाओं तक समयबद्ध तरीके से टैबलेट पहुंचाना है। इसी कड़ी में संस्थाओं से नए अभ्यर्थियों का डेटा भी तलब किया गया है, जिससे लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।

सरकार ने 25 लाख टैबलेट की खरीद का लक्ष्य तय किया है। इस पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक टैबलेट की औसत कीमत लगभग 12 हजार रुपये आंकी गई है।

खास बात यह है कि इस खर्च का बड़ा हिस्सा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधान (2374 करोड़ रुपये) से भी वहन किया जाएगा। पांच वर्ष की योजना को अगले वित्तीय वर्ष तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़े छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को टैबलेट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे युवा न केवल अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे, बल्कि आगे चलकर रोजगार, स्वरोजगार और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी योजनाओं में भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुफ्त टैबलेट वितरण के लिए प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। आधार आधारित सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है। अपात्र अभ्यर्थियों को छांटने के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है। संस्थाओं को समयबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा के छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त करना है। ऑनलाइन शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाकर डिजिटल इंडिया मिशन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है।


योजना से जुड़े अहम बिंदु

  • 2 जुलाई 2022 को स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को स्वीकृति मिली
  • टैबलेट/स्मार्टफोन की खरीद, सप्लाई और पोर्टल संचालन के लिए यूपी डेस्को को जिम्मेदारी
  • हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाकर निगरानी व्यवस्था
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग व मूल्यांकन समिति गठित
  • डिवाइस की स्पेसिफिकेशन तय करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति
  • अंतिम निर्णय के लिए अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) की अध्यक्षता में अलग समिति
  • वितरण और सत्यापन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘डिजी शक्ति पोर्टल’ विकसित