● शीर्ष अदालत से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील खारिज
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसले में कहा कि अमान्य आय प्रमाण पत्र ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आरक्षण का दावा करने का आधार नहीं हो सकता है।
शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में महिला स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति से जुड़े मामले में ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग को लेकर कई उम्मीदवारों की ओर से दाखिल याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की। जस्टिस मनोज मिश्रा और पी. बी. वराले की पीठ याचिकाकर्ता पूनम द्विवेदी और अन्य उम्मीदवारों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील खारिज कर दी। पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उम्मीदवार भर्ती नियमों के तहत जरूरी संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए वैध ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यदि अपीलकर्ताओं द्वारा जिन प्रमाण पत्रों पर भरोसा किया गया था, वे आवेदन के वर्ष से पहले के वर्ष से संबंधित नहीं थे और संबंधित वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले ही जारी कर दिए गए थे, तो उन प्रमाण पत्रों को देखने पर ही उनमें स्पष्ट त्रुटि दिखाई देती है।

