📰 मशाल जुलूस निकाल शिक्षकों ने जताया विरोध, बोले— ‘नियमों में बदलाव अन्यायपूर्ण’
संवाददाता, [बरेली ] | 14 अप्रैल 2026
टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर शिक्षकों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को शाम शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार(NCTE) के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जुलूस में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष शिक्षक शामिल हुए और सड़कों पर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं।
टीचर्स ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध परीक्षा देने से नहीं है, बल्कि नियमों में किए गए बदलाव से है। शिक्षकों का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, ऐसे में अब इसे लागू करना पूरी तरह अनुचित है।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे पहले से ही टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण हैं। कई वरिष्ठ शिक्षकों ने हाल ही में आयोजित सीटेट परीक्षा भी पास की है। इसके बावजूद उन्हें दोबारा इस प्रक्रिया में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि अन्यायपूर्ण है।
जुलूस के दौरान एक शिक्षक ने कहा, “लोग कहते हैं कि हम धरना देने के बजाय पढ़ाई करें, लेकिन हम पहले से पात्र हैं। यह लड़ाई परीक्षा से बचने की नहीं, बल्कि गलत नीति के खिलाफ है।”
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नए नियम लागू न किए जाएं और इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

