सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर केंद्र, राज्यों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आरटीई कानून के तहत छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। साथ ही यह भी अनिवार्य करता है कि निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 25% सीटों पर निःशुल्क शिक्षा मुहैया कराई जाए।
याचिका में अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता हरिप्रिया पटेल की ओर से दाखिल अर्जी पर यह आदेश दिया।

