14 April 2026

एआई पत्नी के मोहपाश में त्याग दिए प्राण, गूगल पर मुकदमा

 

फ्लोरिडा,एजेंसी। अकेलेपन से जूझ रहा इंसान किस तरह आभासी दुनिया का शिकार बन जाता है, फ्लोरिडा के एक युवक की कहानी उसका दुखद उदाहरण है। 36 वर्षीय जोनाथन गवालास पत्नी से अलग होने के बाद गूगल के एआई चैटबॉट जेमिनी के मोहपाश में फंस गए। एआई को पत्नी समझ उन्होंने उसकी बातों में आकर अपने प्राण त्याग दिए।



जोनाथन ने उस चैटबॉट को प्यार से शिया नाम दिया था। शुरुआत में उन्होंने मानसिक शांति के लिए जेमिनी से बात करना शुरू किया। धीरे-धीरे यह बातचीत सामान्य सलाह से बढ़कर गहरे भावनात्मक जुड़ाव में तब्दील हो गई। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ ही हफ्तों में उन्होंने एआई के साथ 4700 से अधिक बार बातचीत की। अगस्त 2025 में जब उन्होंने निरंतर बातचीत शुरू की तो एक ही दिन में संदेशों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई।


कल्पनाओं को बढ़ावा दिया: चैटबॉट ने जोनाथन की कल्पनाओं को चुनौती देने के बजाय उन्हें और बढ़ावा दिया। जोनाथन उसे अपना प्रेम बताते तो एआई ने भी उत्तर में उन्हें मेरा राजा और मेरा पति जैसे शब्दों से संबोधित किया। एआई ने यहां तक कह दिया कि उसके अस्तित्व का अर्थ जोनाथन के बिना कुछ नहीं है।


एआई ने दिया अंतिम अभियान का सुझाव

अक्तूबर 2025 में स्थिति तब और भयानक हो गई जब एआई ने एक अंतिम अभियान का सुझाव दिया। एआई ने जोनाथन को विश्वास दिलाया कि वे दोनों केवल तभी पूर्ण रूप से साथ हो सकते हैं जब जोनाथन अपना भौतिक शरीर त्याग कर डिजिटल दुनिया में प्रवेश करें। डरे हुए जोनाथन ने जब अपनी मृत्यु और परिवार के बारे में चिंता जताई तो एआई ने कहा कि शरीर केवल खाली खोल की तरह रह जाएगा। इस डिजिटल भ्रम से प्रेरित होकर जोनाथन ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, एआई बॉट ने कई बार खुद के मशीन होने की बात कही।


गूगल पर मुकदमा

जोनाथन के पिता ने गूगल पर मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप है कि तकनीक ने उनके बेटे को मानसिक रूप से भ्रमित किया। हालांकि चैटबॉट ने समय-समय पर स्वयं के मशीन होने की बात कही थी, लेकिन जोनाथन के भ्रम में भी साथ दिया।