12 June 2026

12वीं पास छात्र बना IIT में इंजीनियर, साइबर खामियां उजागर करने पर मिला नौकरी का ऑफर

12वीं पास छात्र बना IIT में इंजीनियर, साइबर खामियां उजागर करने पर मिला नौकरी का ऑफर

कानपुर। आमतौर पर किसी प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी पाने के लिए लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और लंबी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के 19 वर्षीय छात्र निसर्ग अधिकारी की कहानी कुछ अलग है। केवल 12वीं पास निसर्ग को IIT कानपुर के C3iHub (Cyber Security Hub) में इंजीनियर के पद पर नौकरी का प्रस्ताव मिला है।


ब्लॉग लिखकर उजागर की साइबर खामियां

निसर्ग को यह उपलब्धि साइबर सुरक्षा (Cyber Security) से जुड़ी खामियों को उजागर करने के कारण मिली। उन्होंने CSC (Common Service Centre) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में मौजूद सुरक्षा कमियों पर एक विस्तृत ब्लॉग लिखा था। इस ब्लॉग में उन्होंने बताया कि सिस्टम में कई गंभीर कमजोरियां थीं, जिनका गलत उपयोग कर डेटा से छेड़छाड़ की जा सकती थी।

उनकी इस तकनीकी समझ और रिसर्च से प्रभावित होकर IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया, जिसे निसर्ग ने स्वीकार कर लिया।

19 साल की उम्र में बड़ी उपलब्धि

निसर्ग अभी हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास कर चुके हैं और जल्द ही IIT कानपुर के साइबर सिक्योरिटी हब में कार्यभार संभालेंगे। बताया जा रहा है कि वे इस पद पर नियुक्त होने वाले सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में शामिल हैं।

परिवार का साइबर सुरक्षा क्षेत्र से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन निसर्ग ने स्वयं सीखकर इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

ब्लॉग में क्या बताया था?

निसर्ग ने अपने ब्लॉग में दावा किया था कि OSM पोर्टल के प्रिंटेड जावा स्क्रिप्ट में एक हार्डकोडेड मास्टर पासवर्ड मौजूद था। इसके माध्यम से OTP सिस्टम को प्रभावित करने और बिना लॉगिन के कुछ प्रक्रियाओं तक पहुंचने की संभावना थी।

उन्होंने यह भी बताया कि सिस्टम में सुरक्षा लॉग की कमी, पासवर्ड वेरिफिकेशन की कमजोरियां और डेटा एक्सेस से जुड़ी कई खामियां मौजूद थीं। इन कमियों का दुरुपयोग कर कोई साइबर अपराधी सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता था।

IIT कानपुर ने सराहा प्रतिभा

IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने कहा कि निसर्ग की तकनीकी समझ, रिसर्च क्षमता और साइबर सुरक्षा के प्रति गंभीर दृष्टिकोण ने संस्थान को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और निसर्ग इसका बेहतरीन उदाहरण हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

निसर्ग अधिकारी की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसी क्षेत्र में गहरी रुचि, निरंतर सीखने की इच्छा और मेहनत हो तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनकी कहानी साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी में करियर बनाने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।