मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में यूपी के हितों को लेकर कई मांग रखी। मुख्यमंत्री ने यूपी के अनुदानित 4512 स्कूलों को समग्र शिक्षा योजना में शामिल करने की मांग की। इसमें अभी राजकीय स्कूल ही शामिल हैं। आयुष्मान योजना में प्रीमियम राशि बढ़ाकर 2400 रुपये प्रति परिवार करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित है।
आयुष्मान योजना में संशोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में वर्ष 2018 से प्रति परिवार प्रीमियम दर 1,102 रुपये निर्धारित है। यूपी में दावा-व्यय व वास्तविक लागत के आधार पर यह प्रीमियम करीब 2,900 रुपये प्रति परिवार तक पहुंच चुका है। इसलिए बढ़ाकर 2,400 रुपये प्रति परिवार किए जाने का प्रस्ताव दिया। गोरखपुर व रायबरेली एम्स से पूर्वी और मध्य यूपी में स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने पश्चिमी यूपी व बुंदेलखंड के नौ करोड़ लोगों एक-एक एम्स की मांग की।
सेमीकंडक्टर और नई तकनीकें
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण व अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां निर्धारित की गई हैं। केंद्र के सहयोग से यूपी को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा काम हो रहा है। सेमीकंडक्टर की भांति रोबोटिक्स और फोटोनिक्स जैसी उभरती हुई तकनीकों में अपार संभावनाएं हैं। यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में ‘रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने के लिए 75 एकड़ भूमि चिह्नित की है। इसमें विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। उन्होंने इसके लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने वज्रपात से होने वाली जन-धन हानि की रोकथाम के लिए एक डेडिकेटेड सैटेलाइट उपलब्ध कराने की मांग की है।
आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए मानक
उन्होंने कहा कि यूपी में करीब 72 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) के रूप में संचालित किया जा रहा है। केंद्र द्वारा निर्धारित 11.84 लाख व राज्य ने 30.22 लाख रुपये की लागत से 2,000 वर्गफीट में आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का नवीन प्रतिमान अंगीकार किया है। उन्होंने अनुरोध किया कि आंगनवाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत का पुनरीक्षण किया जाए तथा वर्तमान में प्रचलित समेकित मद व्यवस्था के स्थान पर इस व्यय का वहन केवल एक मद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक होम राशन की लागत का अंतिम संशोधन वर्ष 2017 में हुआ था। इससे संशोधित करते हुए थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाए।
प्रधानमंत्री की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर
प्रधानमंत्री के 12 सालों में अपने यशस्वी नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं अथक परिश्रम से भारत को वैश्विक मंच पर एक नई वैश्विक पहचान दिलाने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित है। সাত विशेष वचनों का पालन करने का प्रधानमंत्री का देशवासियों से आह्वान, ‘राष्ट्र प्रथम’ और आत्मनिर्भरता के संकल्पों से जुड़ने की नई राह दिखाता है।

