शिक्षकों को पढ़ाएंगे IIT और IIIT के प्रोफेसर, जुलाई से शुरू होगा 18 Credit का QIP-PG Certificate Course
नई दिल्ली। इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को नई तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब IIT (Indian Institutes of Technology) और IIIT (Indian Institutes of Information Technology) के प्रोफेसर देशभर के इंजीनियरिंग शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 18 Credit QIP-PG Certificate Course शुरू किया जा रहा है।
जुलाई से शुरू होगा कार्यक्रम
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जुलाई 2026 से शुरू होगा। छह महीने की अवधि वाला यह Hybrid Mode कार्यक्रम शिक्षकों को उभरती तकनीकों और आधुनिक इंजीनियरिंग अवधारणाओं से परिचित कराएगा, जिससे वे छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें।
नई तकनीकों का मिलेगा प्रशिक्षण
AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) के अनुसार इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को Artificial Intelligence (AI), Data Science, Machine Learning, Digital Systems, Internet of Things (IoT), Cloud Computing, Robotics, 3D Printing और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में शिक्षकों का लगातार Skill Upgradation होना आवश्यक है, ताकि वे छात्रों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उपलब्ध करा सकें।
NEP 2020 के अनुरूप तैयार किया गया Course
AICTE के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। ऐसे में शिक्षकों को भी नई तकनीकों और उद्योगों की मांग के अनुसार अपडेट करना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों की Employability Skills को भी मजबूत करने में मदद करेगा।
IIT, IIIT और IISc के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
यह Course देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT, IIIT और IISc (Indian Institute of Science) के विशेषज्ञों और प्रोफेसरों द्वारा संचालित किया जाएगा। प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों से जुड़ा व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
नियमित और स्थायी शिक्षक कर सकेंगे आवेदन
AICTE द्वारा संचालित यह QIP-PG Certificate Programme AICTE से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग और डिप्लोमा संस्थानों के Regular एवं Permanent Faculty Members के लिए उपलब्ध होगा।
इच्छुक शिक्षक 5 जुलाई तक Online Application कर सकते हैं।
शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग शिक्षकों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करेगा। साथ ही छात्रों को भी बेहतर और Industry-Oriented Education मिलने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी।

