आरटीई के तहत प्रवेश न देने वाले स्कूलों पर होगी FIR, बीएसए जारी करेंगे नोटिस
लखनऊ। शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE - Right to Education Act) के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों पर FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश जिलाधिकारी विशाख जी ने दिए हैं।
तीन दिन का अंतिम मौका
जिलाधिकारी ने BSA (Basic Shiksha Adhikari) और निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आरटीई के तहत चयनित बच्चों के प्रवेश की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि शहर के कई विद्यालयों ने अब तक चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है।
ऐसे विद्यालयों को पहले अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा और बच्चों को प्रवेश देने के लिए तीन दिन का अंतिम अवसर दिया जाएगा। इसके बाद भी प्रवेश नहीं देने वाले विद्यालयों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
12 स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी
बैठक में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), जयपुरिया, गोयनका, एलपीएस, शिमला पब्लिक स्कूल, बाल गाइड स्कूल समेत कई विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान पता चला कि शहर में 12 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने अब तक आरटीई के तहत चयनित एक भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया है। प्रशासन ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
16 हजार से अधिक बच्चों का हुआ चयन
राजधानी में इस वर्ष 16 हजार से अधिक बच्चों का चयन आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए किया गया है। इनमें से लगभग 12,500 से अधिक बच्चों को प्रवेश मिल चुका है।
हालांकि करीब हजार बच्चों के अभिभावकों ने विद्यालय की दूरी या अन्य कारणों का हवाला देते हुए स्वयं प्रवेश प्रक्रिया से दूरी बना ली है। वहीं शेष बच्चों का प्रवेश अभी होना बाकी है।
नोटिस के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
BSA ने बताया कि जिन 12 विद्यालयों ने अभी तक आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है, उन्हें जल्द नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समय के भीतर बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया, तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ FIR दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत चयनित प्रत्येक बच्चे को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है और इस अधिकार से वंचित करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

