E30 Fuel को लेकर बढ़ी चिंता, 43% लोगों ने टाली नई कार खरीदने की योजना
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल में बढ़ती Ethanol Blending को लेकर वाहन खरीदारों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक ताजा सर्वे के अनुसार 43 प्रतिशत संभावित ग्राहक अगले 12 महीनों में नई कार खरीदने का फैसला टाल सकते हैं, क्योंकि उन्हें E20 और भविष्य में संभावित E30 Fuel के असर को लेकर कई सवाल परेशान कर रहे हैं।
हाल ही में केंद्र सरकार ने 22% से 30% Ethanol Blended Petrol पर एक्साइज ड्यूटी हटाने का फैसला लिया है। इससे E22, E25, E27 और E30 Fuel को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, दूसरी ओर कार खरीदारों के बीच माइलेज, इंजन लाइफ और मेंटेनेंस कॉस्ट को लेकर चिंता भी बढ़ रही है।
क्या कहता है सर्वे?
LocalCircles द्वारा किए गए सर्वे में देश के 311 जिलों के 28,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वे में अगले 12 महीनों में वाहन खरीदने की योजना के बारे में राय ली गई।
अगले 12 महीनों में किस तरह की गाड़ी खरीदेंगे?
| विकल्प | प्रतिशत |
|---|---|
| नई गाड़ी नहीं लेंगे | 43% |
| पेट्रोल कार खरीदेंगे | 6% |
| EV खरीदेंगे | 7% |
| Hybrid Vehicle खरीदेंगे | 7% |
| वाहन खरीदने की कोई योजना नहीं | 30% |
| डीजल वाहन खरीदेंगे | 3% |
| सेकेंड हैंड वाहन खरीदेंगे | 2% |
| अभी निर्णय नहीं लिया | 12% |
ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता
सर्वे में शामिल लोगों ने बताया कि उन्हें मुख्य रूप से इन बातों की चिंता है:
Mileage में कमी
Engine Life पर असर
Maintenance Cost बढ़ना
Fuel System और Injector पर प्रभाव
भविष्य में E30 लागू होने की स्थिति
कई लोगों का कहना है कि हाई Ethanol Blending का पुराने वाहनों पर क्या असर पड़ेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
पेट्रोल कारों की मांग में गिरावट के संकेत
सर्वे के अनुसार केवल 6 प्रतिशत लोगों ने नई पेट्रोल कार खरीदने की इच्छा जताई, जबकि EV और Hybrid Vehicles खरीदने वालों की कुल हिस्सेदारी 14 प्रतिशत रही।
यह संकेत देता है कि वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
मौजूदा वाहन मालिकों की भी बढ़ी चिंता
LocalCircles के एक अन्य सर्वे में 50,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष:
लगभग आधे पेट्रोल वाहन मालिकों ने Mileage में 10% से अधिक गिरावट का दावा किया।
करीब 30% लोगों ने Fuel Pump, Injector और Engine Components के जल्दी घिसने की बात कही।
कई वाहन मालिकों ने ₹5,000 से ₹25,000 तक अतिरिक्त Maintenance Cost बढ़ने की जानकारी दी।
सरकार का क्या है लक्ष्य?
भारत सरकार लंबे समय से Ethanol Blending Program को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में देशभर में E20 Fuel उपलब्ध कराया जा चुका है, जिसमें 20% Ethanol और 80% Petrol होता है।
सरकार का मानना है कि इससे:
कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी
किसानों को लाभ मिलेगा
पर्यावरण प्रदूषण कम होगा
उद्योग जगत की भी राय
हाल ही में Tata Motors के एमडी एवं सीईओ शैलेष चंद्रा ने कहा कि Ethanol की Calorific Value पेट्रोल से कम होती है, इसलिए Fuel Efficiency में कुछ गिरावट स्वाभाविक है। हालांकि ARAI की स्टडी में E20 के साथ यह गिरावट सीमित बताई गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि Ethanol Blending का स्तर और बढ़ता है, तो सरकार को Fuel Pricing पर भी ध्यान देना होगा ताकि ग्राहकों को उचित Value मिलती रहे।
विशेषज्ञों की मांग
सर्वे रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि:
E30 Fuel लागू करने की समयसीमा स्पष्ट की जाए।
हाई Ethanol Blending से जुड़े परीक्षणों का डेटा सार्वजनिक किया जाए।
पेट्रोल पंपों पर Ethanol प्रतिशत स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
उपभोक्ताओं को E10 या कम Ethanol Blend Fuel का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए।
फिलहाल E20 Fuel देशभर में उपलब्ध है, लेकिन E30 को लेकर बढ़ती चर्चा ने नई कार खरीदने की योजना बना रहे लाखों ग्राहकों के मन में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

